अमीरात मंगल अभियान के परियोजना निदेशक ओमरान शरफ ने पत्रकारों से कहा कि यान संकेत भेज रहा है।
शरफ ने बताया कि उनका दल डेटा का निरीक्षण करेगा, लेकिन अभी तक सब ठीक प्रतीत हो रहा है।
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मंगल ग्रह के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पहले अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण जापान से सोमवार को किया गया। यह अरब जगत का पहला अंतरग्रहीय अभियान है।
यूएई के इस यान का नाम ‘आमल’ या उम्मीद है, जिसे जापान के एच-2ए रॉकेट के जरिए दक्षिणी जापान के तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया गया। इसके साथ ही इस यान की मंगल तक की सात महीने की यात्रा आरंभ हो गई।
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इससे पहले इसे 15 जुलाई को प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण प्रक्षेपण पांच दिन टाल दिया गया था।
खगोलविद फ्रेड वॉटसन ने कहा, ‘‘यह बेहद खुशी की बात है कि सभी चीजें तय तरीके से हो रही हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सब ठीक है। अंतरिक्ष अन्वेषण के मामले में यह एक बहुत बड़ा कदम है कि यूएई जैसे राष्ट्र ने मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यान भेजने जैसा बढ़ा कदम उठाया है। ’’
‘आमल’ के फरवरी 2021 तक मंगल पर पहुंचने की उम्मीद है, जब यूएई अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाएगा।
इस मंगलयान में ऊपरी वायुमंडल और जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए तीन उपकरण हैं और इसके कम से कम दो साल तक मंगल के चक्कर लगाने की योजना है।
यूएई ने कहा कि वह पहली बार अलग-अलग मौसम के दौरान मंगल ग्रह के वायुमंडल का पूरा दृश्य मुहैया कराएगा।
एपी निहारिका सिम्मी
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