देश की खबरें | राजस्थान के नगरीय इलाकों में बाजार रात नौ बजे बंद होंगे, दो और शहरों में रात्रि कर्फ्यू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान सरकार ने सभी नगरीय इलाकों में रात नौ बजे बाजार बंद करने तथा दो और शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला बुधवार को किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि संक्रमण की रोकथाम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार लोगों की जीवन रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
जयपुर, 31 मार्च कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान सरकार ने सभी नगरीय इलाकों में रात नौ बजे बाजार बंद करने तथा दो और शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला बुधवार को किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि संक्रमण की रोकथाम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार लोगों की जीवन रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
यहां मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य के जिन नगरीय क्षेत्रों में रात्रिकालीन कर्फ्यू अब रात 11 बजे के बजाय रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा उनमें अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा, कुशलगढ़, चित्तौड़गढ़ और आबूरोड शामिल हैं। साथ ही सभी नगरीय क्षेत्रों में अब बाजार रात 10 बजे के बजाय एक घंटे पहले 9 बजे ही बंद होंगे।
बैठक में गहलोत ने राज्य को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विगत दिनों में कोरोना प्रोटोकॉल के पालन में हुई लापरवाही के कारण कोरोना के केस तेजी से बढ़े हैं। इसे देखते हुए उन्होंने कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, नाइट कर्फ्यू का समय बढ़ाने सहित अन्य पाबंदियां पुनः लागू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार लोगों की जीवन रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अधिक मामले सामने आते हैं, वहां जिलाधिकारी राज्य सरकार से परामर्श कर शैक्षणिक संस्थान बंद कराने के संबंध में निर्णय कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे कोरोना को लेकर अपने-अपने जिले का एक्शन प्लान बनाएं और पॉजिटिविटी रेट, मृत्यु दर, टेस्टिंग आदि की नियमित समीक्षा करें। कांटेक्ट ट्रेसिंग, माइक्रो कंटेनमेंट जोन और टेस्टिंग बढ़ाने पर विशेष जोर दें। जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्षों को पुनः प्रभावी बनाएं। इंसीडेंट कमांड सिस्टम को पुनः मजबूत किया जाए। ‘नो मास्क-नो एंट्री’ की सख्ती से पालना हो। टीकाकरण की गति को और बढ़ाया जाए।
गहलोत ने कहा कि टीकाकरण बचाव का सबसे मजबूत हथियार है। हमें टीकाकरण पर जोर देना होगा। मुख्यमंत्री ने मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे पटवारियों से अपील की है कि वे कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए काम पर लौटें।
उल्लेखनीय है कि राज्य में उपचाराधीन रोगियों की संख्या बढ़कर 8155 हो गई है। संक्रमित मामले दोगुने होने का समय भी घटकर 312 दिन हो गया है तथा पॉजिटिविटी रेट 3 से 9 मार्च के सप्ताह में 1.21 प्रतिशत थी, जो बढ़कर 24 से 30 मार्च के सप्ताह में 3.16 प्रतिशत हो गई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2021 05:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

