सरकार ने रवांडा समर्थित विद्रोहियों पर हिंसा का आरोप लगाया।
पूर्वी कांगो के सबसे बड़े शहर गोमा और उसके आसपास के इलाकों में हाल में हुई हिंसा कतर और अफ्रीकी देशों द्वारा जारी शांति प्रयासों के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
गोमा निवासी अम्बोमा सफारी ने बताया कि कैसे उनके परिवार के चार सदस्यों ने शुक्रवार रात को गोलियों और बम धमाकों की आवाजें सुनकर बिस्तर के नीचे रात बिताई।
सफारी ने बताया, “हमने सैनिकों की लाशें देखीं, लेकिन हमें नहीं पता कि वे किस समूह से हैं।”
कांगो और एम23 विद्रोहियों के बीच दशकों से जारी संघर्ष जनवरी में उस समय और बढ़ गया, जब विद्रोहियों ने अभूतपूर्व बढ़त हासिल कर पूर्वी कांगो शहर गोमा पर कब्जा कर लिया और उसके बाद फरवरी में बुकावु शहर पर कब्जा जमा लिया।
हाल में हुए हिंसक संघर्ष में लगभग 3,000 लोग मारे गए और करीब 70 लाख लोग विस्थापित हुए।
कांगो के गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि शुक्रवार और शनिवार के बीच कम से कम 52 लोग मारे गए।
बयान के अनुसार हमले के लिए विद्रोही समूह ‘एम23’ को जिम्मेदार ठहराया गया है।
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