देश की खबरें | मांझी ने ब्राह्मणों के लिए ‘अभद्र’ भाषा का इस्तेमाल किया, बाद में पलटे

पटना, 19 दिसंबर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने ब्रह्मणों के खिलाफ कथित अभद्र का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जिसका हिस्सा उनकी पार्टी हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा (हम) भी है।

मांझी ने शनिवार रात दलितों में अति पिछड़े ‘भुइयां मूसहर’ समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दलितों को सवर्ण हिंदुओं के रीति-रिवाज अपनाने को लेकर चेतावनी दी।

हालांकि, बाद में मांझी अपने बयान से पलट गए और कहा कि उन्होंने संबंधित शब्द का इस्तेमाल साथी दलितों में आत्मसम्मान की भावना जगाने के लिए किया था।

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें मांझी कथित तौर पर ब्राह्मणों के लिए ‘हरामी’ शब्द का इस्तेमाल करते सुनाई देते हैं। उनके मुताबिक वे (ब्राह्मण) दलित यजमानों से खाना लेने से मना कर देते हैं, लेकिन नकद लेने में झिझक महसूस नहीं करते।

विपक्षी राजद के ब्राह्मण चेहरे शिवानंद तिवारी ने मांझी के बयान को खारिज करते हुए इसकी समाजवादी व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा, ‘‘जब कुछ लोगों ने आंबेडकर द्वारा हिंदू जाति व्यवस्था की तीखी आलोचना की शिकायत गांधी से की तो उन्होंने कहा कि वह आश्चर्यचकित हैं कि दलित अपने साथ अमानवीय व्यवहार का लंबा इतिहास होने के बावजूद हिंसक नहीं हो रहे हैं।’’

भाजपा नेता और मंत्री नितिन नवीन ने कहा, ‘‘सामाजिक सद्भाव होना चाहिए। किसी को भी किसी अन्य समुदाय पर अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।’’

इस बीच, मांझी ने पूरे प्रकरण पर सफाई देते हुए कहा, ‘‘मैंने हरामी शब्द अपने साथी दलितों के लिए कहा ताकि उनमें आत्मसम्मान का भाव जगाया जा सके। मैंने इस शब्द का इस्तेमाल ब्राह्मणों के लिए नहीं किया।’’

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