त्रिसूर, छह मई केरल की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड ने दावा किया है कि वित्तीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का छापा अब बंद हो चुकी मणप्पुरम एग्रो फार्म्स को लेकर दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज कराए गए मुकदमे पर आधारित थी।
ईडी ने हाल ही में मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड की 143 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं।
ईडी ने चार मई को कहा था कि उसने धन शोधन के मामले की जांच के दौरान छापेमारी करने के बाद मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी वी पी नंदकुमार की 143 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं।
नंदकुमार ने मीडिया के लिए जारी एक बयान में दावा किया कि कंपनी के परिसरों में ईडी के दौरे का मणप्पुरम फाइनेंस के व्यापारिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं था।
शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, “ईडी का दौरा एक व्यक्ति की ओर से दुर्भावनापूर्ण तरीके से दायर मुकदमे पर आधारित था, जो उनके व उनके परिवार से व्यक्तिगत द्वेष मानता है। यह मामला अब बंद हो चुकी मणप्पुरम एग्रो फार्म्स (मैग्रो) को लेकर है, जो 10 वर्ष पुराना मामला है।”
संस्था ने दावा किया कि ईडी ने 140 करोड़ रुपये नहीं बल्कि कुल लगभग 2,000 करोड़ रुपये के शेयर जब्त किए हैं। ईडी ने 140 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की बात कही थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY