कोलकाता, 14 मई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पाकिस्तान की हिरासत से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान पूर्णम कुमार शॉ की रिहाई का बुधवार को स्वागत किया और कहा कि उनकी वापसी सुनिश्चित करने के प्रयासों के दौरान वह लगातार पूर्णम के परिवार के संपर्क में थीं।
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिसड़ा के निवासी पूर्णम को पाकिस्तान रेंजर्स ने पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर बीएसएफ के सुपुर्द किया।
पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद 23 अप्रैल को पूर्णम को पाकिस्तान रेंजर्स ने फिरोजपुर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से पकड़ लिया था।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्ती ने राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में पत्रकारों से बात करते हुए यह भी घोषणा की कि उनकी पार्टी ने भारतीय सशस्त्र बलों के समर्थन में 17 और 18 मई को राज्यव्यापी रैलियों की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम बीएसएफ जवान पूर्णम शॉ की पत्नी रजनी के साथ लगातार संपर्क में थे और उनसे चार-पांच बार बात की। हमारी ओर से लगातार प्रयास किए गए। हमारे डीजीपी अपने बीएसएफ समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने परसों ही रजनी से कहा था कि उनके पति ठीक होंगे। हालांकि, उनकी रिहाई की प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा...उन्हें (शॉ) आज सुबह रिहा कर दिया गया। मैं खुश हूं। उनका परिवार खुश है। पूरा देश खुश है।’’
बनर्जी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी इसको लेकर भी सतर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के अत्यंत महत्वपूर्ण मामलों को राजनीति के दायरे में नहीं लाया जाए।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी ने हमारे जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहरी क्षेत्रों के वार्डों सहित राज्य के हर ब्लॉक में शनिवार और रविवार को अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक रैलियां करने की घोषणा की है।’’
इससे पहले दिन में बनर्जी ने बीएसएफ जवान के परिवार को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे भाई जैसे जवान, उनकी पत्नी रजनी शॉ सहित उनके पूरे परिवार को शुभकामनाएं।’’
बनर्जी का यह बयान पूर्णम शॉ के आवास पर जश्न के बीच आया, जहां रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक उनकी सुरक्षित वापसी पर मिठाई लेकर एकत्र हुए।
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