देश की खबरें | ब्रिटेन में ‘गोपनीय’ कानूनी प्रक्रिया का समाधान होने तक विजय माल्या का प्रत्यर्पण नहीं हो सकता: केन्द्र ने न्यायालय को बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्र ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का उस समय तक भारत प्रत्यर्पण नहीं हो सकता जब तक ब्रिटेन में चल रही एक अलग ‘गोपनीय’ कानूनी प्रक्रिया का समाधान नहीं हो जाता।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर केन्द्र ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या का उस समय तक भारत प्रत्यर्पण नहीं हो सकता जब तक ब्रिटेन में चल रही एक अलग ‘गोपनीय’ कानूनी प्रक्रिया का समाधान नहीं हो जाता।

केन्द्र ने कहा कि उसे ब्रिटेन में विलय माल्या के खिलाफ चल रही इस गोपनीय कार्यवाही की जानकारी नहीं है।

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गृह मंत्रालय ने अवमानना मामले में दायर हलफनामे में कहा है कि यह कानूनी मुद्दा ‘प्रत्यर्पण प्रक्रिया से इतर’ है और यह ‘गोपनीय है और इसका खुलासा नहीं किया जा सकता।’’ अवमानना मामले में न्यायालय माल्या को पहले ही दोषी ठहरा चुका है।

माल्या पर अब बंद हो चुकी किंग्सफिशर एयरलाइंस से संबंधित नौ हजार करोड़ रूपए से अधिक का बैंक कर्ज अदा नहीं करने का आरोप है। माल्या मई 2016 से ब्रिटेन में है और वह स्काटलैंड यार्ड द्वारा 18 अप्रैल, 2017 को प्रत्यर्पण वारंट की तामील के बाद से जमानत पर है।

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न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस मामले पर सुनवाई की और माल्या के वकील से कहा कि वह दो नवंबर तक उसे इस बात से अवगत करायें कि उसे प्रत्यर्पित करने के लिये किस तरह की ‘गोपनीय’ कार्यवाही चल रही है।

माल्या के वकील अंकुर सैगल ने न्यायालय ने कहा कि चूंकि भारत सरकार का कहना है कि उसे कार्यवाही के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो उसे न्यायालय को इस बारे में जानकारी देनी होगी और बताना होगा कि वह न्यायलय के समक्ष कब पेश होगा।

इससे पहले, शुरू में ही केन्द्र्र की ओर से अधिवक्ता रजत नायर ने पीठ से कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसारही प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई गोपनीय प्रत्यर्पण कार्यवाही चल रही है जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने माल्या के प्रत्यर्पण की कार्यवाही को बरकरार रखा है लेकिन अभी ऐसा नहीं हो रहा है।’’

शीर्ष अदालत ने इससे पहले माल्या की 2017 की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुये उसे पांच अक्टूबर को न्यायालय में पेश होने का निर्देश दिया था।

न्यायालय ने विजय माल्या को अदालत के आदेशों का उल्लंघन करके अपने बच्चों के खातों में चार करोड़ अमेरिकी डालर हस्तांतरिक करने के मामले में 2017 में उसे अवमानना का दोषी ठहराया था।

न्यायालय ने इस मामले को दो नवंबर के लिये सूचीबद्ध करते हुये निर्देश दिया कि विजय माल्या की उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किये जाने चाहिए।

अनूप

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