जरुरी जानकारी | मलेशिया एक्सचेंज में भारी तेजी से सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, सात मार्च मलेशिया एक्सचेंज में लगभग तीन प्रतिशत की जोरदार तेजी और आयात की कमी के बीच त्योहारी मांग में उछाल के कारण शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में सभी तेल-तिलहन के दाम सुधार के साथ बंद हुए।

बाजार सूत्रों के अनुसार, मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे लगभग तीन प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ और यहां शाम का कारोबार बंद है। शिकॉगो एक्सचेंज में भी सुधार जारी है। इसके कारण सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल, सीपीओ एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम में तेजी रही।

उन्होंने कहा कि सीपीओ, पामोलीन और सूरजमुखी जैसे खाद्यतेलों का आयात मंहगा बैठने से फरवरी में इन खाद्यतेलों का आायत कम हुआ है। इसके अलावा सोयाबीन तेल का भी इतना आयात नहीं हो रहा कि अन्य खाद्यतेलों के आयात की कमी को वह अकेला पूरा कर सके। इसके अलावा देश में होली, रमजान जैसे त्योहारों के लिए खाद्यतेलों की मांग बढ़ी है। यह सभी कारण सभी खाद्यतेल-तिलहन कीमतों में सुधार का प्रमुख कारण है।

सूत्रों के अनुसार किसान पिछले साल के उलट इस बार मंडियों में अपनी सरसों उपज को रोक-रोक कर ला रहे हैं। इसका पाइपलाइन भी खाली है और सरसों का पहले का बचा स्टॉक भी लगभग समाप्त है। इसके अलावा त्योहारों की जबर्दस्त मांग है। इस वजह से सरसों तेल-तिलहन में सुधार है।

उन्होंने कहा कि बाजार में जो सहकारी संस्था नेफेड के द्वारा किसानों से खरीदे गये सोयाबीन बेचने की अटकलें चल रही थीं उसकी वजह से सोयाबीन के दाम पर दवाब था। लेकिन अगर नेफेड इन अटकलों को विराम देते हुए अगले कुछ दिनों तक सोयाबीन बिकवाली का प्रयास नहीं करता है तो सोयाबीन के दाम में सुधार होना संभव हो जायेगा जिससे किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे और अगली सोयाबीन बुवाई पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं आयेगा।

मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज के मजबूत होने का असर सभी तेल-तिलहनों पर आया और सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में मजबूती रही।

विदेशी बाजारों की तेजी और त्योहारी मांग बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन में भी सुधार देखने को मिला। मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने से सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम भी मजबूत बंद हुए।

सूत्रों ने कहा कि सभी खाद्यतेलों में सबसे सस्ता होने और सूरजमुखी, पाम-पामोलीन का आयात मंहगा बैठने तथा त्योहारी मांग के बीच बिनौला तेल की मांग बढ़ी है। बिनौला तेल के मंहगा होने के कारण कल और आज के बीच बिनौला सीड (तिलहन) के दाम में डेढ़-पौने दो सौ रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है। सभी खाद्य तेल-तिलहनों में आई तेजी से बिनौला भी अछूता नहीं रहा और बिनौला तेल के दाम बढ़त के साथ बंद हुए।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,175-6,275 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,650-5,975 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,215-2,515 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,360-2,460 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,360-2,485 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,075 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,150-4,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,850-3,900 रुपये प्रति क्विंटल।

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