औरंगाबाद, 23 सितंबर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के ऐतिहासिक नौ द्वार के संरक्षण का कार्य नगर विकास इकाई ने शुरू किया है। इसमें 3.20 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।
इनका निर्माण 17वीं शताब्दी में पुराने शहर के प्रवेश द्वार के रूप में किया गया था और यह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
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अधिकारियों ने बताया कि वक्त के साथ बारिश और मौसम संबंधी अन्य स्थितियों की वजह से इन द्वारों को क्षति पहुंची और इनकी मरम्मत की और इनका संरक्षण किए जाने की जरूरत है।
औरंगाबाद स्मार्ट सिटी विकास निगम (एएससीडीसीएल) के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पुष्कल शिवम ने मंगलवार को संवाददातओं को बताया कि संरक्षण कार्य को कोविड-19 के मद्देनजर लागू बंद की वजह से रोकना पड़ा था।
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उन्होंने बताया कि निगम कटकट गेट, नौबत दरवाजा, काला दरवाजा, जफर गेट, बारापुला गेट, रोशन गेट, पैथन गेट, खिजरी गेट और महमूद दरवाजे के संरक्षण पर 3.20 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
औरंगाबाद नगर निगम के आयुक्त और एएससीडीसीएल के कार्यकारी अधिकारी आस्तिक कुमार पांडे ने बताया कि यह कार्य युद्धस्तर पर होगा और अगले साल अप्रैल तक संपन्न हो जाएगा।
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