मुंबई, 24 जुलाई मुंबई और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में पिछले 18 महीने में एम्बरग्रीस या व्हेल की उल्टी की जब्ती के बढ़ते मामलों ने इस कीमती पदार्थ के लिए स्पर्म व्हेल के शिकार के मामले बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है।
हाल में मुंबई, नवी मुंबई और रायगढ़ से करोड़ों का एम्बरग्रीस जब्त किया गया। पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।
स्पर्म व्हेल की उल्टी या एम्बरग्रीस का इस्तेमाल बेहतरीन इत्र बनाने में किया जाता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह काफी महंगा बिकता है, इसलिए हसे ‘‘बहता हुआ सोना’’ भी कहा जाता है।
फोरेंसिक प्रयोगशाला के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘एम्बरग्रीस को जब्त किए जाने के बढ़ते मामलों ने यह आशंका पैदा कर दी है कि या तो स्पर्म व्हेल का शिकार किया जा रहा है या इस पदार्थ में मिलावट हो सकती है, क्योंकि यह बहुत महंगा होता है।’’
पुलिस ने हाल में मुंबई के मरीन ड्राइव से 2.6 करोड़ रुपए का एम्बरग्रीस जब्त किया था। पुलिस इस मामले की जांच के तहत यह पता लगाने के लिए तटीय कोंकण में रत्नागिरी जिले के दापोली गई थी कि क्या व्हेल का शिकार किया जा रहा है।
मुंबई अपराध शाखा के संपत्ति प्रकोष्ठ ने पिछले हफ्ते दक्षिण मुंबई के एक होटल से वैभव कालेकर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था और उसके पास से एम्बरग्रीस जब्त की थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा संदेह है कि कालेकर ने दापोली से एम्बरग्रीस हासिल किया था, जहां कुछ महीने पहले कुछ व्हेल मृत पाई गई थीं।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि व्हेल के पेट से एम्बरग्रीस एकत्र करने के लिए उनका शिकार तो नहीं किया गया।
स्पर्म व्हेल भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची दो के तहत एक संरक्षित प्रजाति है।
गहरे समुद्र में पाई जाने वाली स्पर्म व्हेल उल्टी के रूप में मोम जैसा एक ठोस पदार्थ निकालती है। मछुआरों को कई बार गहरे समुद्र में एम्बरग्रीस तैरता मिलता है।
अधिकारी ने बताया कि एम्बरग्रीस की अनूठी सुगंध के कारण, इसे अत्यधिक मूल्यवान पदार्थ माना जाता है और एक किलोग्राम एम्बरग्रीस की कीमत कम से कम एक करोड़ रुपये होती है।
अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र और केरल में गहरे समुद्र से एम्बरग्रीस जब्त किए जाने के कई मामले सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि आरोपी कालेकर ने मुंबई में तीन बार पदार्थ बेचने की कोशिश की थी।
एक अधिकारी ने बताया कि हाल में मुंबई अपराध शाखा ने एम्बरग्रीस के नमूने नागपुर में सरकारी वन्यजीव फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को भेजे और डीएनए विश्लेषण से पता चलेगा कि यह शुद्ध एम्बरग्रीस है या मिलावटी।
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