देश की खबरें | महाराष्ट्र विधानपरिषद ने लोकायुक्त विधेयक को मंजूरी दी

नागपुर, 15 दिसंबर महाराष्ट्र विधानपरिषद ने शुक्रवार को लोकायुक्त विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी जिसमें मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद को भ्रष्टाचार रोधी लोकायुक्त के दायरे में लाने का प्रावधान है। राज्य विधानसभा ने पिछले साल शीतकालीन सत्र के दौरान विधेयक को मंजूरी दी थी।

इससे पहले यह विधेयक विधानपरिषद में पेश किया गया था, लेकिन कुछ विधायकों की आपत्ति के बाद इसे संयुक्त समिति के पास भेज दिया गया था।

समिति की कुछ सिफारिशों को विधेयक में शामिल किए जाने के बाद शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने इसे फिर उच्च सदन में पेश किया और शुक्रवार को इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।

उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने परिषद में कहा कि विधेयक का मसौदा अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की एक टीम के बीच कई बैठकों के बाद बनाया गया था।

उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के प्रावधानों को विधेयक में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद लोकपाल के दायरे में आएंगे।”

उन्होंने कहा कि लोकायुक्त की नियुक्ति पारदर्शी होगी क्योंकि खोज कमेटी में मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधानपरिषद के सभापति, विधानसभा और परिषद में प्रतिपक्ष के नेता और बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल होंगे।

फडणवीस ने कहा कि अगर लोकायुक्त को मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत में कोई आधार दिखाई देता है, तो वह प्रारंभिक जांच शुरू कर सकते हैं और विधानसभा अध्यक्ष से मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांग सकते हैं।

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