मुम्बई, 16 अक्टूबर महाराष्ट्र सरकार केंद्र से भारी वर्षा और बाढ़ के कारण फसलों का नुकसान उठा चुके और अपनी आजीविका का स्रोत गंवा चुके किसानों को मुआवजा देने को कहेगी। राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय वाडेत्तिवार ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी में 14-15 अक्टूबर को गहरे दबाव का क्षेत्र बनने के कारण वर्षा होने से पुणे संभाग के किसानों को विशेष तौर पर फसलों का भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं केंद्र सरकार से उन किसानों को कुछ मुआवजा प्रदान करने के लिए कहूंगा जिन्होंने अपनी आजीविका गंवायी है। फसलों के नुकसान का आकलन चल रहा है। मैंने अधिकारियों से नुकसान के आकलन के काम में तेजी लाने को कहा है। ’’
एक अधिकारी ने बताया कि पुणे संभाग में अबतक 28 लोगों की वर्षाजनित घटनाओं में मौत हो चुकी है और उनमें सबसे अधिक प्रभावित सोलापुर जिले के हैं। पश्चिम महाराष्ट्र में पुणे, सांगली और सतारा भी प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ भारी वर्षा के कारण मवेशियों की भी मौत हुई है। 379 बड़े मवेशी और 134 छोटे मवेशियों की जान चली गयी।’’
उन्होंने कहा कि वर्षा के खातिर 21,292 लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ा और वे सड़कों एवं घरों में कीचड़ भरे होने एवं बाढ़ की पानी में वस्तुओं के बह जाने की वजह से तत्काल नहीं लौट पाए। उनके अनुसार वर्षा में 2319 मकानों को नुकसान हुआ है।
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