मुंबई, 29 जून महाराष्ट्र कांग्रेस ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बालचंद्र मुंगेकर के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को नौ-सदस्यीय समिति का गठन किया।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख नाना पटोले की ओर से गठित नौ-सदस्यीय समिति में पत्रकार एवं राज्यसभा सदस्य कुमार केतकर, वरिष्ठ नेता वसंत पुरके, हुसैन दलवई, अनीस अहमद, किशोरी गजभिये, अमरजीत मन्हास, जेनेट डिसूजा और रवि जाधव भी शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि मुस्लिम, ईसाई और पारसी समुदायों के अपने पर्सनल कानून हैं, जबकि हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों के लिए हिंदू नागरिक कानून है।
बयान में कहा गया है, "यूसीसी किसी भी धर्म से संबद्ध नहीं है और सभी नागरिक इसके दायरे में आएंगे। दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और जनजातीय क्षेत्रों में विवाह एवं उत्तराधिकार से जुड़े अपने नियम हैं। अल्पसंख्यक समान नागरिक संहिता को अपने धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप समझते हैं। यूसीसी पर विभिन्न धार्मिक समुदायों के अपने विचार हैं।"
बयान के अनुसार पूर्व सांसद मुंगेकर की अध्यक्षता वाली समिति प्रस्तावित कानून के समाज पर प्रभाव का अध्ययन करेगी और अपनी रिपोर्ट पटोले को सौंपेगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में आयोजित एक कार्यक्रम में यूसीसी की वकालत की थी। उसके बाद यूसीसी देश में राजनीतिक विमर्श का अहम मुद्दा बन गया।
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