ठाणे, 27 जून महाराष्ट्र के भिवंडी निज़ामपुर सिटी नगर निगम (बीएनसीएमसी) के 18 पूर्व कांग्रेस पार्षदों को 2019 में अपनी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ मतदान करने को लेकर अगले छह साल के लिए कोई भी चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
अयोग्य घोषित कांग्रेस नेताओं ने महापौर चुनाव में अपनी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया था।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता वाले शहरी विकास विभाग ने सोमवार को जारी एक आदेश में कहा कि पूर्व पार्षदों ने कांग्रेस द्वारा जारी ‘‘व्हिप’’ का उल्लंघन किया था।
उल्लेखनीय है कि 90 सदस्यीय बीएनसीएमसी में कांग्रेस के 47 सदस्य होने के बावजूद, महापौर पद के लिए उसकी उम्मीदवार ऋषिका राका दिसंबर 2019 में चुनाव हार गई थीं। उस चुनाव में कांग्रेस के 18 पार्षदों ने ‘‘क्रॉस-वोटिंग’’ की थी।
कोंकण विकास आघाडी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को 49 मत मिले थे और वह विजयी हुईं। उन्हें अपनी पार्टी के चार सदस्यों के अलावा भारतीय जनता पार्टी के 20 और कांग्रेस के 18 पार्षदों के साथ ही छोटे दलों के सात सदस्यों का समर्थन मिला।
चुनाव में राका की हार के बाद स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कोंकण संभागीय आयुक्त के पास एक याचिका दायर कर ‘‘क्रॉस वोटिंग’’ करने वाले सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग की। हालांकि, उसे अस्वीकार कर दिया गया था।
इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने फैसले को शहरी विकास विभाग में चुनौती दी, जिसने सोमवार को आदेश जारी कर पूर्व पार्षदों को अगले छह साल के लिए कोई भी चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया।
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