महाकुंभ नगर (उप्र), 24 फरवरी महाकुंभ के तीसरे स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर 29 जनवरी को संगम नोज पर हुई भगदड़ की घटना की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की टीम सोमवार को सुबह करीब 10 बजे यहां पहुंची और समीक्षा बैठक की।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर ने आयोग की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, “न्यायिक जांच आयोग की टीम सुबह करीब 10 बजे यहां पहुंची। यहां ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ में आयोग के सदस्यों ने मेला के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी विषयों एवं तथ्यों पर पड़ताल की।”
उन्होंने बताया, “आयोग ने सभी संस्थाओं के साथ भी बातचीत शुरू की है और सभी अभिलेखों का परीक्षण आरंभ किया है। सदस्यों द्वारा मांगे गए सभी अभिलेख अधिकारियों द्वारा प्रदान किए जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया, “आयोग की अगली बैठक महाशिवरात्रि के बाद होगी जिसमें और दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। आज आयोग वापस चला गया है और महाशिवरात्रि के बाद अगली बैठक करेगा।”
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महाकुंभ भगदड़ की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने इससे पूर्व, 31 जनवरी को संगम नोज स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया था और अधिकारियों से जानकारी ली थी। इसके बाद आयोग के सदस्यों ने एसआरएन अस्पताल में भर्ती घायलों से पूछताछ की थी।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की अध्यक्षता वाले इस आयोग में पूर्व पुलिस महानिदेशक वी के गुप्ता और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डीके सिंह शामिल हैं।
महाकुंभ हादसे की जांच के लिए गठित तीन सदस्य न्यायिक आयोग ने अपने गठन के अगले ही दिन से काम शुरू कर दिया। आयोग को जांच करने के लिए एक महीने का समय मिला है।
सोमवार को हुई आयोग की बैठक में मेलाधिकारी विजय किरण आनंद, डीआईजी (कुंभ) वैभव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी को भगदड़ की घटना में 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी और 60 लोग घायल हुए थे जिन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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