चेन्नई, 30 जुलाई मद्रास रिपोर्टर्स गिल्ड ने मणिपुर हिंसा के संदर्भ में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियों के लिए पत्रकार-लेखक तथा प्रकाशक बद्री शेषाद्री की गिरफ्तारी तथा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की निंदा की है।
गिल्ड ने सरकार से शेषाद्री को तत्काल रिहा करने की मांग करते हुए कहा कि भले ही शेषाद्री की टिप्पणियां अरूचिकर या अपमानजक ही क्यों न हो लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
गिल्ड को ‘चेन्नई निरुबर्गल संगम’ के नाम भी जाना जाता है।
गिल्ड ने कहा कि वह पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा गैर-भाजपा सरकारों की अभियोजन का रास्ता अपनाने के बजाय ‘‘मुख्यधारा की मीडिया तथा सोशल मीडिया पर टिप्पणियों के लिए लोगों को सीधे गिरफ्तार’’ करने की रणनीति पर चिंता जताता है।
मद्रास रिपोर्टर्स गिल्ड के अध्यक्ष आर. रंगराज और सचिव डी. शेखर ने 29 जुलाई को एक बयान में कहा, ‘‘पूर्ववर्ती अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सरकार ने बड़ी संख्या में मानहानि के मुकदमे दायर किए थे और मीडियाकर्मियों को भी गिरफ्तार किया था। हम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से इस उदाहरण का अनुकरण न करने का अनुरोध करते हैं।’’
गिल्ड ने शेषाद्री की गिरफ्तारी तथा उन्हें 11 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की निंदा की है।
उसने कहा, ‘‘गिरफ्तारी आखिरी हथकंडा होना चाहिए और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद अदालत के अंतिम फैसले पर ही ऐसा किया जाना चाहिए।’’
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