नयी दिल्ली, आठ फरवरी राज्यसभा में बुधवार को जब नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अडाणी समूह के संबंध में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को लेकर जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग कर रहे थे तो सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि इसे गठित करने के लिए कोई ठोस आधार होना चाहिए अन्यथा तो यह भी मांग उठ सकती है कि खरगे ने जो महंगा मफलर पहन रखा है, उसके बारे में जेपीसी बने।
उच्च सदन में सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष के बीच यह संवाद राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हुआ। चर्चा में भाग लेते हुए खरगे ने अडाणी समूह के मामले में जेपीसी गठित करने की मांग उठायी।
इस पर सदन के नेता गोयल ने आसन की अनुमति से हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जेपीसी मांग उठाने के लिए कोई ठोस आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी निजी व्यक्ति के मामले में जेपीसी बनने लगे तो कल तो यह भी मांग उठने लगेगी कि ‘‘खरगे जी ने यह जो लुई विटॉन का स्कार्फ पहन रखा है, यह कहां से आया, इतनी संपत्ति कहां से आयी...यह संयुक्त संसदीय समिति का विषय नहीं हो सकता।’’
गोयल की बात का जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि सरकार जेपीसी की मांग से क्यों भाग रही है? उन्होंने कहा, ‘‘आप जितना भागेंगे, हम उतना पीछा करेंगे।’’
खरगे जब चर्चा में भाग ले रहे थे उन्होंने अपने गले में प्रसिद्ध विदेशी ब्रांड लुई विटॉन का मफलर डाल रखा था।
खरगे ने चर्चा के दौरान बाद में सभापति जगदीप धनखड़ की ओर संकेत करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार यह कहा था कि जब उन्होंने वकालत की शुरुआत की तो वे अपने हाथों से पैसा गिनते थे। फिर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बाद में धनखड़ ने पैसा गिनने के लिए मशीन खरीदी।
इस पर सभापति ने हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए कहा कि यह दूसरी बात उन्होंने कभी नहीं कही। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि आप मुझ पर भी जेपीसी बनवा देंगे।’’
धनखड़ की इस चुटीली टिप्पणी से खरगे सहित पूरे सदन में हंसी की लहर दौड़ गयी।
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