पुरी (ओडिशा), 29 जून भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा को रथ पर ‘सुना बेस’ (स्वर्ण भेष) में देखने के लिए बृहस्पतिवार को लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे।
बहुदा यात्रा (रथ की वापसी) के एक दिन बाद ‘सुना बेस’ (भगवान को स्वर्ण भेष धारण कराया जाता है) मनाया जाता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार, भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन का ‘सुना बेस’ आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि (आषाढी एकादशी) को रथ पर धारण कराया जाता है।
रथ यात्रा के दौरान हर साल भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों की श्री गुंडिचा मंदिर से वापसी के अगले दिन उन्हें स्वर्ण वेष धारण कराया जाता है। इस मंदिर को भगवान का जन्मस्थान माना जाता है।
आज भगवान और उनके भाई-बहन के रथ 12वीं सदी में बने मंदिर के सिंहद्वार के सामने खड़े थे।
जगन्नाथ संस्कृति पर शोध करने वाले भास्कर मिश्रा ने बताया कि तीनों प्रतिमाओं को करीब208 किलोग्राम वजन के स्वर्णाभूषण धारण करवाये गये।
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