देश की खबरें | स्थानीय लोगों ने लुधियाना गैस रिसाव की घटना में मारे गए 'डॉक्टर साहब' और उनके परिवार को याद किया

लुधियाना (पंजाब), एक मई शहर के गियासपुरा इलाके में गैस रिसाव की घटना में अपने परिवार समेत मारे गए कविलाश को प्यार से ''डॉक्टर साहब'' कहा जाता था जो बिहार से पंजाब आए थे।

रविवार को घनी आबादी वाले गियासपुरा इलाके में जहरीली गैस की चपेट में आने से 40 वर्षीय कविलाश, उनकी पत्नी वर्षा (35) और उनके बच्चों-कल्पना (16), अभय (13) और आर्यन (10) की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा था कि इस घटना में तीन बच्चों सहित कुल 11 लोगों की मौत हुई है और चार अन्य लोग बीमार हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

बिहार के गया के रहनेवाले कविलाश एक ‘रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर’ थे और पिछले 25 वर्षों से गियासपुरा में अपना क्लीनिक चला रहे थे।

उनके एक पड़ोसी ने कहा, "कविलाश को प्यार से 'डॉक्टर साहब' कहा जाता था और उनका परिवार सभी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था।"

इसी घटना में एक अन्य परिवार के दो सदस्य नवनीत कुमार (39) और उनकी पत्नी नीतू देवी (37) की भी मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुमार विश्वकर्मा चौक के पास स्थित एक स्टील कंपनी में अकाउंटेंट थे।

अधिकारियों ने बताया कि घटना के चलते बीमार हुए कुमार के भाई नितिन (40) का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि बिहार के पटना के रहने वाले दोनों भाई पिछले 20 साल से लुधियाना में रह रहे थे।

घटना में 35 वर्षीय सौरव गोयल, उनकी पत्नी प्रीति (31) और मां कमलेश गोयल (60) की भी मौत हो गई। सौरव इलाके में किराने की दुकान चलाते थे जहां दूध खरीदने आए लोग उस दिन बेहोश होने लगे थे।

सौरव के भाई गौरव (50) का भी सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सौरव उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले थे और पिछले 20-22 साल से पंजाब में रह रहे थे।

अधिकारियों ने कहा कि घटना में मारे गए लोगों में से एक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

गियासपुरा प्रवासी आबादी वाला घनी आबादी वाला क्षेत्र है। कई औद्योगिक और आवासीय भवन वहां स्थित हैं। घटना की चपेट में आए लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले थे तथा लुधियाना में रह रहे थे।

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