गुवाहाटी, 22 दिसंबर असम सरकार ने पिछले छह वर्षों में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न जानवरों की गणना पर लगभग 1.7 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पर्यावरण और वन मंत्री चंद्र मोहन पतोवारी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 2016 से 2022 के बीच पार्क में मुख्य रूप से मिलने वाले एक सींग वाले गैंडे, रॉयल बंगाल टाइगर, हाथी और बारहसिंगा उन जानवरों में शामिल थे जिनकी गणना की गई।
भाजपा विधायक बिद्या सिंग इंगलेंग के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में पटोवरी ने कहा कि इस अवधि के दौरान गणना गतिविधियों पर कुल 1,69,86,700 रुपये खर्च किए गए।
इसमें से सबसे ज्यादा 95.2 लाख रुपये 2017 में, उसके बाद 34.78 लाख रुपये 2022 और 30.63 लाख रुपये 2018 में खर्च किए गए।
मंत्री ने यह भी कहा कि गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग से जुड़े गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य व्यक्ति इस कवायद का हिस्सा थे।
ऐसे प्रतिनिधियों और व्यक्तियों पर 2018, 2020 और 2022 में कुल 26.78 लाख रुपए खर्च किए गए।
मंत्री ने कहा कि 2018 और 2022 में गैंडों की गणना की गई, जिनकी संख्या क्रमशः 2,413 और 2,613 रही।
बाघों की बात करें तो, 2017 में कुल 104, 2018 में 108, 2019 में 121 और इस साल 124 बाघों की गिनती की गई।
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