देश की खबरें | संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबन अन्यायपूर्ण कार्रवाई : वरुण गांधी

लखनऊ, 22 सितंबर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने इलाज में कथित लापरवाही के चलते एक महिला की मौत के बाद संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित करने के मामले में शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया और अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने को अन्यायपूर्ण कार्रवाई करार दिया।

अमेठी जिले के मुंशीगंज थाना क्षेत्र में इलाज में कथित लापरवाही के चलते एक महिला की मौत के मामले में प्रशासन ने मंगलवार को संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित करते हुए ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग), आपातकालीन समेत सारी सेवाओं पर रोक लगा दी।

वरुण गांधी ने सोशलमीडिया साइट ‘एक्‍स’ पर उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक को लिखे गये अपने पत्र को साझा करते हुए निलंबन के फैसले पर तंज कसते हुए पत्र में लिखा, ‘‘कथित चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़ी हालिया घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए इस मामले को आनुपातिकता और निष्‍पक्षता की भावना से देखना आवश्‍यक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘स्‍वामित्‍व जैसे मुद्दे की अनदेखी के साथ किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में दुखद घटनाएं सामने आ सकती हैं। व्यापक और निष्पक्ष जांच की अनुमति दिए बिना पूरे अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करना जल्दबाजी और संभावित अन्यायपूर्ण कार्रवाई प्रतीत होती है।’’

उन्होंने ‘एक्‍स’ पर कहा, ‘‘गहन जांच के बिना, अमेठी में संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस का त्वरित निलंबन उन सभी व्यक्तियों के साथ अन्याय है जो न केवल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बल्कि अपनी आजीविका के लिए भी संस्थान पर निर्भर हैं। जवाबदेही महत्वपूर्ण है, यह जरूरी है कि निष्पक्षता और निष्पक्षता के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए।’’

पत्र में अस्पताल की विशेषता का जिक्र करते हुए वरुण गांधी ने कहा, ‘‘इस अस्पताल का शिलान्यास पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने 1982 में किया था। यह कई दशकों तक अमेठी और इसके पड़ोसी जिलों में लोगों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल सहायता के एक दृढ़ स्तम्भ के रूप में खड़ा रहा है।’’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘अस्पताल के लाइसेंस निलंबन से क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण शून्य पैदा हो जाएगा जिसका हमारे नागरिकों की भलाई पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।’’

भाजपा सांसद ने उप मुख्‍यमंत्री से निलंबन के फैसले पर पुनर्विचार करने, निष्पक्ष जांच शुरू करने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि यह अस्पताल नौकरियों और शैक्षिक अवसरों की सुरक्षा के साथ समाज के लोगों को महत्‍वपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान करना जारी रख सके। इससे संजय गांधी अस्पताल की प्रतिष्ठित ऐतिहासिक विरासत का भी संरक्षण होगा।

वरुण गांधी के पत्र के संदर्भ में पूछे जाने उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘यह कार्रवाई सीएमओ स्‍तर पर जांच कराने के बाद की गयी है। अस्पताल के लोगों के खिलाफ सदोष मानव वध (304) के आरोप में मामला दर्ज किया गया है और बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के रहते उपचार करने का मामला सामने आया है।’’

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