(भानु पी लोहुमी)
शिमला, 30 अप्रैल हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में प्रवेश बिंदुओं पर 5-10 मिनट रुकने से वाहनों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी, जो पर्यटन सत्र के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रही है।
गर्मियों के आगमन के साथ 'पहाड़ियों की रानी' कहे जाने वाले शिमला में पर्यटन सीजन चरम पर है, पुलिस ने शहर में परेशानी मुक्त यातायात सुनिश्चित करने के लिए एक रणनीति तैयार की है।
शिमला में गर्मियों के मौसम में पर्यटन सीजन का चरम आमतौर पर 15 अप्रैल से 15 जून तक रहता है।
शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण के तहत पुलिस कस्बे में आने वाले वाहनों को प्रवेश बिंदुओं पर रोक रही है - चंडीगढ़ से आने वाले वाहनों को शोघी में रोका जाएगा, ऊपरी शिमला/किन्नौर से आने वालों को छाबड़ा में जबकि मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों से प्रवेश करने वालों को हीरानगर में रोका जाएगा।
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक शहर में करीब 60 हजार वाहन सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं।
सप्ताह के दिनों में औसतन लगभग 12,000 वाहन शिमला में प्रवेश करते हैं, जबकि सप्ताहांत में यह संख्या बढ़कर 26,000 से अधिक हो जाती है।
संजीव कुमार गांधी ने पीटीआई- से कहा, ‘‘ कुल 16 अवरोधों पर यातायात का प्रवाह नियंत्रण से बाहर हो जाता है और हम तीन प्रवेश बिंदुओं - शोघी, छाबड़ा और हीरानगर पर ट्रैफिक लाइट लगाने का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जो भीड़ के घंटों के दौरान सक्रिय रहेंगी।’’
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