देश की खबरें | करीब सात महीने बाद पटना लौटे लालू

पटना, 28 अप्रैल लालू प्रसाद लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी एकता को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों का समर्थन करेंगे, ऐसी चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष करीब सात महीने बाद शुक्रवार को अपने घर बिहार लौटे हैं।

एक वक्त पर कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे नीतीश कुमार को बिना शर्त समर्थन की पेशकश करने और भाजपा को मात देते हुए बिहार की सत्ता में बने रहने में उनकी (नीतीश) मदद करने वाले लालू प्रसाद पिछले साल दिसंबर में सिंगापुर में किडनी प्रतिरोपण के बाद दिल्ली में थे और करीब सात महीने के बाद घर लौटे हैं।

हवाई अड्डे से व्हीलचेयर पर बाहर निकलते हुए लालू ने टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहना हुआ था, मास्क लगाया हुआ था। राजद सुप्रीमो काफी कमजोर भी लग रहे थे।

लालू के साथ उनके छोटे बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी थे। गौरतलब है कि तेजस्वी को राजद में लालू का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है और उनके नेतृत्व में पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में राजद प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

अपने प्रिय नेता की एक झलक पाने के इंतजार में चिलचिलाती धूप में खड़े लालू के उत्साहित समर्थकों और नारे लगाने वालों की भीड़ राजद नेता के बहुत करीब पहुंच जाए, यह सुनिश्चित करना सुरक्षाकर्मियों के लिए चुनौतीभरा रहा।

लालू ने पार्टी समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और फूलों की पंखुड़ियों से ढकी बेटे की कार से पत्नी राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे। लालू पटना में रहते हुए हमेशा पत्नी के आवास पर ही रूकते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवंटित बंगले 10, सर्कुलर रोड के बाहर बड़ी संख्या में वाहन खड़े थे।

कयास लगाए जा रहे हैं कि न्यायिक हिरासत में या बाहर रहते हुए "किंगमेकर" की भूमिका में रहे लालू अगले लोकसभा चुनाव में विपक्षी नेताओं को एकजुट करने में नीतीश की मदद करेंगे। इसका सुझाव हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया था।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से लालू के बिहार प्रवास के दौरान उनकी संभावित राजनीतिक व्यस्तताओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राजद सुप्रीमो के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामलों का जिक्र करते हुए कहा, "कुछ नेताओं ने भाजपा का विरोध करने के लिए इतनी भारी कीमत चुकाई है लेकिन हमारे नेता सांप्रदायिकता और तानाशाही के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और सामाजिक न्याय स्थापित करेंगे।’’

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