कवरत्ती, 13 दिसंबर लक्षद्वीप प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश के शिक्षा विभाग के तहत संचालित सभी विद्यालयों को मलयालम से केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अंग्रेजी माध्यम पाठ्यक्रम में स्थानांतरित करने का निर्णय लेकर अपनी शिक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव की घोषणा की है।
केंद्र शासित प्रदेश के शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में 12 दिसंबर को आदेश जारी किया।
आदेश में कहा गया, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के शिक्षा विभाग ने शिक्षा के मानकों को ऊंचा उठाने और बदलते शैक्षणिक परिदृश्य के साथ तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) केरल मलयालम माध्यम कक्षाओं को सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम में स्थानांतरित करने का संकल्प लिया है।’’
इसमें कहा गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से विभाग के तहत संचालित सभी स्कूल पहली कक्षा से सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को प्रवेश देंगे।
आदेश में कहा गया है कि 21वीं सदी में कौशल एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों को तैयार करने में सीबीएसई पाठ्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए यह बदलाव छात्रों को उनके भविष्य की शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करने के लिए किया है।
इसके अलावा दूसरी से आठवीं कक्षा तक की कक्षाओं को भी मलयालम माध्यम एससीईआरटी से सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम में स्थानंतरित किया जाएगा।
शिक्षा निदेशक राकेश दहिया ने आदेश में कहा कि कक्षा नौ और 10 का सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम में स्थानांतरण दो साल की समय सीमा के भीतर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बोर्ड परीक्षाओं में कम से कम बाधा पैदा हो।
नयी शिक्षा नीति के निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार तीन एं अंग्रेजी, मलयालम और हिंदी पढ़ाई जाएगी।
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