देश की खबरें | जम्मू कश्मीर में बेघरों को घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी: पीडीपी

श्रीनगर, छह जुलाई पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि बेघरों को मकान उपलब्ध कराने की योजना में ‘‘पारदर्शिता की कमी है।’’

इससे एक दिन पहले केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इन आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया था कि केंद्र शासित प्रदेश की जनसांख्यिकी को बदलने के लिए बाहरी लोगों को बसाने की कोशिश की जा रही है।

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा था, ‘‘उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में 1.99 लाख भूमिहीन लोगों को जमीन देने का ऐलान किया है। इसे लेकर संदेह और चिंताएं सामने आई हैं कि जम्मू कश्मीर में ये भूमिहीन लोग कौन हैं?’’

उन्होंने दावा किया था कि संसद में रखे गए केंद्र सरकार के आंकड़े के अनुसार जम्मू कश्मीर में केवल 19,000 बेघर परिवार हैं।

महबूबा के इस संवाददाता सम्मेलन के कुछ घंटे बाद उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती का यह बयान कि ‘‘सरकार दो लाख लोगों को जमीन आवंटित कर रही है, तथ्यात्मक रूप से गलत है।’’

जम्मू कश्मीर प्रशासन की प्रतिक्रिया पर पीडीपी ने बृहस्तिवार को कहा कि ‘‘प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।’’ पार्टी ने एक बयान में कहा कि ‘‘2021 में बेघर लोगों की संख्या 1,947 से अचानक बढ़कर लगभग दो लाख हो जाने में कुछ अस्पष्टता है।’’

उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस योजना में केवल उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए जो 2019 से पहले जम्मू कश्मीर में रह रहे हैं जब केंद्र ने संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर दिया था।

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