अहमदाबाद, 23 मई गुजरात सरकार ने किर्गिस्तान में हिंसा के मद्देनजर राज्य के छात्रों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए की जा रही व्यवस्था का विवरण प्राप्त करने के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि भारत के लगभग 17,000 छात्र वर्तमान में मेडिकल और अन्य विषयों की पढ़ाई के लिए किर्गिस्तान में हैं जिनमें गुजरात के विद्यार्थी भी शामिल हैं।
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में विदेशियों को निशाना बनाने की घटनाओं के बाद वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। वहां छात्रों को घर के भीतर ही रहने के लिए कहा गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बृहस्पतिवार को राज्य के मुख्य सचिव राजकुमार से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करने को कहा।
इसमें कहा गया कि सूरत जिले के लगभग 100 छात्रों के माता-पिता ने हाल ही में मुख्यमंत्री से उनके बच्चों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया था।
बाद में, मुख्य सचिव राजकुमार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर इन छात्रों को सुरक्षित घर वापस लाने के लिए की जा रही व्यवस्था की जानकारी ली।
बिश्केक में किर्गिज़ स्टेट मेडिकल अकादमी (केएसएमए) की द्वितीय वर्ष की मेडिकल छात्रा रिया लाथिया ने एक वीडियो संदेश में अधिकारियों से सभी भारतीय छात्रों को जल्द से जल्द निकालने की अपील की है।
सूरत में रहने वाली रिया की मां शर्मिष्ठा लाथिया ने भी सरकार से रिया और अन्य छात्रों को घर वापस लाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, “मुझे अपनी बेटी से पता चला कि असामाजिक तत्व शिक्षक या पुलिस अधिकारी बनकर घरों में घुसकर लोगों की हत्या कर रहे हैं। मेरी बेटी वहां दो अन्य लड़कियों के साथ रहती है। उसने मुझे बताया कि उसके फ्लैट की खिड़की पर भी गोलियां चलाई गईं।’’
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