देश की खबरें | कोझिकोड : एक पखवाड़े पहले पीएफआई का कार्यालय था गुलजार, अब पड़ा है वीरान

कोझिकोड (केरल), 28 सितंबर केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का केरल मुख्यालय एक पखवाड़े पहले तक गुलजार था जब 17 सितंबर की रैली को लेकर गहमा गहमी थी।

रैली में पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं द्वारा राष्ट्रीय स्वयं संघ (आरएसएस) के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए जाने के कई दिन बाद राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के नेतृत्व में कई एजेंसियों ने मिलकर देशभर में इस कट्टर इस्लामिक संगठन के खिलाफ कार्रवाई की और एक दशक पहले संगठन की स्थापना करने वाले नेताओं सहित उसके शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।

उसके बाद से पीएफआई के मीनचंथा स्थित कार्यालय में बहुत गतिविधि नहीं दिखी और इस्लामिक स्टेट जैसे वैश्विक आतंकवादी संगठनों से संबंध होने के आरोप में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बुधवार को यह कार्यालय वीरान रहा।

संगठन का मुख्यालय हालांकि, दिल्ली में है, लेकिन अध्यक्ष ओएमए सलाम, महासचिव नसरुदीन इलामारम, पूर्व अध्यक्ष ई अबूबाकर और ई एम अब्दुल रहीम और संगठन के विचारक पी कोया अधिकतर कार्य केरल मुख्यालय से ही करते थे, जिसे ‘यूनिटी हाउस’ के नाम से जाना जाता है।

संगठन मुस्लिम समुदाय के कुछ धड़ों में बहुत लोकप्रिय है जिसकी वजह से हजारों लोगों ने ‘गणतंत्र की रक्षा’’ थीम से आयोजित रैली में हिस्सा लिया।

17 सितंबर की रैली में सक्रिय रहे कुछ स्थानीय लेकिन प्रमुख नेता पीएफआई से जुड़ी पहचान को छिपा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का हिस्सा है। एसडीपीआई, पीएफआई की राजनीतिक शाखा है और उस पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर है।

पीएफआई के जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मौजूदा नेताओं और उनकी गतिविधियों की जानकारी नहीं है।

इस संगठन की स्थापना वर्ष 2006 में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के तीन संगठनों का विलय कर की गयी थी।

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