देश की खबरें | कोविड-19: समय पर लॉकडाउन, मामलों का जल्द पता चलना, अच्छा प्रबंधन भारत में कम मृत्यु दर के कारण
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नयी दिल्ली, 26 मई सरकार ने मंगलवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस से मृत्यु दर विश्व में सबसे कम 2.87 प्रतिशत है। इसने कहा कि समय पर लॉकडाउन, मामलों का जल्द पता लगना और अच्छा उपचार प्रबंधन देश में कम मृत्यु दर के मुख्य कारण हैं।

अप्रैल में कोरोना वायरस संबंधी मृत्यु दर 3.38 प्रतिशत थी जो अब घटकर 2.87 प्रतिशत हो गई है। वहीं इस महामारी से संबंधित वैश्विक मृत्यु दर 6.4 प्रतिशत है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना वायरस से मरनेवालों की संख्या अब 4,167 और संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1, 45,380 हो गई है। पिछले 24 घंटे में यानी सोमवार सुबह आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक कोरोना वायरस से संक्रमित 146 लोगों की मौत हुई है और 6,535 नए मामले सामने आए हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव से संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि विश्व में भारत में सबसे कम मृत्यु दर होने का क्या कारण है।

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इसपर उन्होंने कहा कि इसका कोई प्रमाणित कारण नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘कई अवधारणाएं हैं, जैसे कि हम खराब स्वास्थ्य माहौल में रहते हैं, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है और हमें बीसीजी जैसे टीके दिए गए हैं, लेकिन ये सभी अवधारणाएं हैं और हम किसी भी कारक पर कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कह सकते। जब तक मृत्यु दर कम रहती है, तब तक यह अच्छी बात है और मैं इसके जारी रहने की उम्मीद करता हूं।’’

संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 के प्रति उपयुक्त प्रतिक्रिया और मामलों की समय पर पहचान तथा चिकित्सीय प्रबंधन ने मृत्यु दर को कम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि संक्रामक रोग के महत्वपूर्ण अवयवों में से एक जल्द निदान का है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोविड-19 को अंतरराष्ट्रीय चिंता की जनस्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थिति घोषित किए जाने से 13 दिन पहले हमने यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी और अपने स्वास्थ्य कर्मियों को सक्रिय कर दिया था। यदि समय पर मामलों की पहचान हो जाए तो वे गंभीर नहीं होते और इस तरह स्वत: ही मृत्यु दर कम होगी।’’

फ्रांस में मृत्यु दर 19.9 प्रतिशत है। इसके बाद बेल्जियम में 16.3, इटली में 14.3, ब्रिटेन में 14.2, स्पेन में 12.2, स्वीडन में 11.9, कनाडा में 7.6, ब्राजील में 6.3, अमेरिका में 6.0, चीन में 5.5 और जर्मनी में कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु की दर 4.6 प्रतिशत है।

अग्रवाल ने कहा कि भारत में प्रति लाख की आबादी पर मृत्यु दर 0.3 प्रतिशत है, जबकि वैश्विक रूप से प्रति लाख आबादी पर मृत्यु दर 4.5 है। इस तरह भारत में मृत्यु दर सबसे कम है। यह लॉकडाउन, समय पर रोग की पहचान और कोविड-19 के बेहतर चिकित्सीय प्रबंधन की वजह से है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि बेल्जियम में प्रति लाख की आबादी पर 81.2 मौत, स्पेन में 61.5 और ब्रिटेन में प्रति लाख की आबादी पर 55.3 मौत का आंकड़ा है।

इटली, फ्रांस, स्वीडन, अमेरिका, कनाडा, ब्राजील और जर्मनी में प्रति लाख की आबादी पर क्रमश: 54.3, 42.3, 39.3, 29.3, 17.2, 10.5 और 10.0 मौतों का आंकड़ा है।

अग्रवाल ने कहा कि बेल्जियम में जहां प्रति 10 लाख की आबादी पर 800.72 मौतों का आंकड़ा है, वहीं स्पेन, इटली, ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका और रूस में प्रति 10 लाख की आबादी पर क्रमश: 614.95, 542.24, 541.98, 434.59, 295.22 और 24.96 मौतों का आंकड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर केवल 3.08 मौतों का आंकड़ा है। अपेक्षाकृत यही आंकड़ा जारी है और ग्राफ में कोई वृद्धि नहीं है।’’

अग्रवाल ने कहा कि भारत में मार्च में जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो उस समय लोगों के ठीक होने की दर 7.1 प्रतिशत थी, जो दूसरे चरण में बढ़कर 11.42 प्रतिशत हो गई। तीसरे चरण में लोगों के ठीक होने की दर 26.59 प्रतिशत और अभी चौथे चरण में यह बढ़कर 41.61 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा कि अभी दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर भारत में 2.87 प्रतिशत है।

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