भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने कहा- COVID-19 की जांच में 1000 गुना हुई वृद्धि
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित हर व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे नमूनों की जांच की गई जो संक्रमित नहीं पाए गए. शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था ने कहा कि जनवरी में भारत के पास कोविड-19 की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला थी.
नई दिल्ली, 21 मई: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) से संक्रमित हर व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे नमूनों की जांच की गई जो संक्रमित नहीं पाए गए. उसने कहा कि पिछले दो महीने में हर दिन जांच की संख्या में 1,000 गुना वृद्धि हुई है. आईसीएमआर ने कहा कि 20 मई को सुबह नौ बजे तक कुल 25,12,338 नमूनों की जांच की गई और जांच की क्षमता बढ़ाकर हर दिन एक लाख तक की गई.
उसने एक बयान में कहा कि दो महीने पहले प्रति दिन 100 से कम कोविड-19 की जांच से शुरूआत करने के बाद शोध संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, जांच प्रयोगशालाओं, मंत्रालयों, एयरलाइनों और डाक सेवाओं के समर्पित दलों के एक साथ मिलकर काम करने से महज 60 दिनों में जांच की संख्या 1000 गुना तक बढ़ गई.
यह भी पढ़ें: कोविड-19 का प्रकोप खत्म के बाद भारत को बाजार के अनुकूल नजरिया अपनाना होगा: अमेरिकी राजनयिक
शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था ने कहा कि जनवरी में भारत के पास कोविड-19 की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला थी. उसने कहा, ‘‘आज देशभर में 555 प्रयोगशालाएं हैं.’’ आईसीएमआर ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि हर संक्रमित व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे लोगों की जांच की गई जो संक्रमित नहीं पाए गए.
(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2020 12:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

