देश की खबरें | कोविड-19: पालघर में मरीजों की जांच और उनके अस्पताल पहुंचने में देरी के कारण ज्यादा मौतें हुईं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के पालघर जिले के जिलाधिकारी डॉ कैलाश शिंदे ने बुधवार को कहा कि गंभीर हालत वाले रोगियों की जांच और अस्पताल में भर्ती होने में देरी के कारण जिले में कोविड-19 से होने वाली मौतों में इजाफा हुआ है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

पालघर, 26 अगस्त महाराष्ट्र के पालघर जिले के जिलाधिकारी डॉ कैलाश शिंदे ने बुधवार को कहा कि गंभीर हालत वाले रोगियों की जांच और अस्पताल में भर्ती होने में देरी के कारण जिले में कोविड-19 से होने वाली मौतों में इजाफा हुआ है।

जिलाधिकारी ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 60 प्रतिशत कोविड-19 मरीजों ने अस्पतालों में भर्ती होने के 72 घंटों के भीतर दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़े | ममता बनर्जी ने कहा- सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखते हुए मेट्रो रेल सेवाओं को फिर से शुरू किया जाना चाहिए: 26 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा कि यह इंगित करता है कि कोविड-19 के अधिकतर संदिग्ध मरीज सही समय पर जांच नहीं करवाते हैं और हालत गंभीर होने जाने पर अस्पतालों में भर्ती होते हैं।

डॉ शिंदे ने कहा कि जिले में जांच बढ़ाने के लिए गांवों या वार्डों में जांच शिविर लगाए जाएंगे।

यह भी पढ़े | JEE and NEET Exam 2020: जेईई मैन और नीट की परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रति राहुल गांधी ने जताई चिंता, कहा- सरकार निकाले इसका सही हल.

पालघर में कोविड-19 के 22,745 मामले हें और 456 मरीजों की मौत हुई है।

इस बीच राज्य के औरंगाबाद से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार जिले में बुधवार को 123 लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है, जिससे जिले में संक्रमण के 21,515 मामले हो चुके हैं।

इनमें से 67 मामले औरंगाबाद शहर में मिले हें, जबकि 56 मामले ग्रामीण क्षेत्रों में पाए गए हैं।

जिले में वर्तमान में 4,430 मरीज उपचाराधीन हैं। जिले में अब तक संक्रमण के कारण 645 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अब तक 16,440 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\