कोलंबो, 10 जुलाई कोविड-19 की जांच में संक्रमित 250 लोगों के नए समूह के सामने आने के बाद स्वास्थ्य प्राधिकारियों ने महामारी के खतरे को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने लोगों को आगाह किया है कि संभावित सामुदायिक प्रसार के मद्देनजर वे स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों की अनदेखी न करें।
अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर मध्य प्रांत पोलोन्नारुवा के कंडाकाडू स्थित मादक पदार्थ पुनर्वास केंद्र में कोविड-19 के 252 मामले सामने आए।
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सरकारी सूचना विभाग के महानिदेशक ने यहां एक बयान में कहा कि पुनर्वास केंद्र के 338 कैदियों और कर्मचारियों की कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जांच की गई थी। अधिकारी ने कहा कि इस केंद्र को अब कोविड-19 अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है।
मुख्य महामारी विशेषज्ञ सुदथ समरवीरा ने कहा कि इस नए समूह का पता केंद्र के एक मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान के दौरान चला। यह मरीज यहां वेलिकाडा जेल का कैदी भी था।
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सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल शिवेंद्र सिल्वा ने कहा कि कंडाकाडू के कैदी किस तरह संक्रमित हुए, इसे लेकर जांच की जा रही है। सिल्वा कोविड-19 के खिलाफ अभियान के प्रमुख हैं।
सिल्वा ने कहा कि सात जून को इस संक्रमित व्यक्ति का पता चला और हमने सभी कैदियों और अधिकारियों की वेलीकाड़ा कारागार में जांच कराई। जांच में किसी के भी संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई।
उन्होंने कहा कि संभव है कि वह मादक पदार्थ पुनर्वास केंद्र में किसी अन्य संक्रमित के संपर्क में आया हो या वह हाल ही में सरकार द्वारा स्वदेश लाए गए श्रीलंकाई प्रवासी कामगारों के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ हो।
प्रवासी श्रीलंकाई कामगारों के साथ नशे के कुछ आदी व्यक्तियों को मध्य पूर्व के देशों की जेलों से श्रीलंका भेजा गया था। इन्हें कंडाकाडू में पुनर्वास केंद्र भेजा गया था।
अब तक श्रीलंका में कोविड-19 के 2350 मामले सामने आए हैं। इनमें से 11 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
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