मुंबई, 16 जुलाई आभूषणों की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियां अपने स्टोर मॉडल का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं और बिक्री बढ़ाने के लिये डिजिटल रणनीति अपना रही हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है।
विश्व स्वर्ण परिषद ने 'ऑनलाइन गोल्ड मार्केट इन इंडिया' शीर्षक से एक रिपोर्ट में कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई बाधाओं ने आभूषण विक्रेताओं को भारत में अपने मौजूदा व्यवसाय मॉडल का पुनर्मूल्यांकन करने को विवश किया है।
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विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के प्रबंध निदेशक (भारत) सोमासुन्दरम पीआर ने कहा, "हालांकि, भारत में ऑनलाइन सोने का बाजार 1-2 प्रतिशत ही है, लेकिन इसे डिजिटल कारोबारियों और बड़े आभूषण विक्रेताओं, दोनों तरफ से काफी बढ़ावा मिल रहा है। डिजिटल कारोबार वाले इस स्थिति को एक अवसर के रूप में मान रहे हैं, जबकि बड़े आभूषण विक्रेता अपने स्टोर मॉडल की जरूरी अनुपूरक चीज मान रहे हैं।’’
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ऑनलाइन सोने का बाजार, मूल्य के लिहाज से, सोने की कुल बिक्री का महज 1-2 प्रतिशत ही है। कैलेंडर वर्ष 2019 के तीसरी तिमाही के दौरान शहरी सोने के आभूषणों की खरीद का केवल 17 प्रतिशत और ग्रामीण सोने के आभूषणों की खरीद का तीन प्रतिशत की ही ऑनलाइन खरीद की गई।
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रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ऑनलाइन बिक्री का 70-80 प्रतिशत खरीद करने वाले 18 से 45 वर्ष के बीच के उपभोक्ता हैं, जबकि ऑनलाइन बिक्री के 45 वर्ष से अधिक उम्र के उपभोक्ता 20-30 प्रतिशत हैं।
ऑनलाइन सोने के आभूषणों की खरीद का औसत आकार 25,000-30,000 रुपये का है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्षय तृतीया और धनतेरस जैसे शुभ माने जाने वाले त्यौहार के दिनों में सोने की छड़ों और सिक्कों की ऑनलाइन बिक्री लोकप्रिय है।
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