चंडीगढ़, 22 जुलाई पंजाब का प्रसिद्ध कपड़ा उद्योग कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सर्दियों में पहनने वाले कपड़ों की मांग में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट से जूझ रहा है। इस कारण उद्योग के समक्ष बड़े घाटे का जोखिम उपस्थित हो गया है।
लुधियाना स्थित परिधान निर्माताओं ने बुधवार को कहा कि पिछले साल जहां सारे संयंत्र पूरी क्षमता से काम कर रहे थे, वहीं इस साल अधिकांश कारखाने महज 30-35 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहे हैं।
परिधान उद्योग आम तौर पर जून, जुलाई और अगस्त के दौरान सर्दियों में पहने जाने वाले कपड़े तैयार करता है।
उन्होंने कहा कि खरीदार पहले ही गर्मियों के कपड़े के ऑर्डर को या तो रद्द कर रहे हैं, या टाल दे रहे हैं। ऐसे में सर्दियों के कपड़ों की मांग में तेज गिरावट उद्योग जगत के लिये दोहरे झटके के रूप में आया है।
लुधियाना के परिधान निर्माता अजित लाकड़ा ने कहा, "खरीदारों ने पिछले साल की तुलना में इस बार सर्दियों के कपड़ों का सिर्फ 30 फीसदी ऑर्डर दिया है।"
इसके अलावा, सितंबर महीने के बाद भी सर्दियों के कपड़ों की मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
लाकड़ा ने पीटीआई- से कहा, "यदि सर्दियों के कपड़े खुदरा दुकानों पर नहीं बेचे जा पाते हैं, तो ऐसे में भुगतान अटकने की आशंकाएं हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY