कोलकाता, सात जुलाई ऊंची ऊची इमारतों और पक्के मकानों में रहने वाले पढ़े-लिखे लोगों की लापरवाही से कोलकाता में हाल ही कोविड-19 के मामले तेजी से बढे हैं, फलस्वरूप पश्चिम बंगाल सरकार कुछ हिस्सों में फिर लॉकडाउन लगाने के विकल्प पर गौर करने के लिए बाध्य हो रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
कोलकाता नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में इस महानगर में कोरेाना वायरस से जितने लोग संक्रमित पाये गये हैं उनमें 85 फीसदी ऐसे हैं जो पढ़े-लिखे हैं और हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, अपार्टमेंट या पक्के मकानों में रहते हैं जबकि 15 फीसद झुग्गी बस्ती इलाके से हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पढ़े-लिखे और जिम्मेदार लोगों से इस वायरस के प्रसार को रोकने की योजना को लागू करने में प्रशासन की मदद की उम्मीद की जाती है लेकिन उसके विपरीत वे सहयोग नहीं कर रहे हैं।
अधिकारी ने आरोप लगाया, ‘‘ इन लोगों की लापरवाही कोविड-19 के मामलों में हाल की वृद्धि की वजह है और इसने सरकार को उन कुछ क्षेत्रों में कड़े लॉकडाउन को फिर से लागू करने पर गौर करने के लिए प्रेरित किया है जहां बड़ी संख्या में संक्रमण सामने आये हैं।’’
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अनवर शाह रोड, जोधपुर पार्क, भवानीपुर, अलीपुर, टॉलीगंज, बालीगंज और अन्य क्षेत्रों के हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में हाल ही बड़ी संख्या में कोविड-19 के मामले आये हैं। कोलकाता में इन दिनों रोज 200 लोग संक्रमित हो रहे हैं। शहर में सोमवार को 2,415 कोविड-19 मरीज उपचाराधीन थे।
अधिकारी ने कहा, ‘‘ राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने हमें इन क्षेत्रों में फिर से कठोर लॉकडाउन प्रावधान लागू करने पर विचार करने की सलाह दी है। अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगी।’’
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