देश की खबरें | केरल: कार्यालय से ‘नकारात्मक ऊर्जा’ को दूर करने के लिए प्रार्थना कराने पर अधिकारी निलंबित

त्रिशूर (केरल), 20 नवंबर केरल सरकार की एक अधिकारी को उस शिकायत की विभाग-स्तरीय जांच के बाद निलंबित कर दिया गया है जिसमें दावा किया गया था कि यहां उनके कार्यालय में ‘नकारात्मक ऊर्जा’ को दूर करने के लिए एक प्रार्थना का आयोजन किया गया था।

अधिकारी के.ए. बिंदू ने 16 नवंबर को निलंबन आदेश प्राप्त होने की पुष्टि की।

त्रिशूर जिला बाल संरक्षण अधिकारी बिंदू ने पीटीआई को बताया, ‘‘मैं 18 नवंबर को छुट्टी पर थी। जब मैं आज (20 नवंबर) कार्यालय आई, तो मुझे निलंबन आदेश मिला। इसमें कहा गया है कि मुझे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसलिए, मैं अब जा रही हूं।’’

अधिकारी के करीबी सूत्रों ने बताया कि उनके खिलाफ कार्रवाई उनकी बात सुने बिना या सितंबर में हुई घटना के संबंध में उनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का जवाब दिए बिना की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रार्थना कार्यालय समय के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे हुई और इसलिए विभाग का कामकाज किसी भी तरह प्रभावित नहीं हुआ।

सूत्रों ने यह भी बताया कि काम से संबंधित कुछ दबाव तथा तनाव था और जब किसी ने सलाह दी कि कुछ प्रार्थनाओं के उचारण से समस्या हल हो जाएगी, तो इसके लिए अनुमति दे दी गई।

उन्होंने कहा कि लेकिन यह कार्यालय समय के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता और अन्य स्टाफ की बात मानकर तथा घटना के संबंध में उनका पक्ष सुने बिना ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने यह भी कहा कि शिकायत कार्यालय के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा की गई, जिसने सात नवंबर को सेवा छोड़ दी है।

जिला अधिकारी कृष्ण तेजा ने 11 नवंबर को उप-कलेक्टर को घटना की जांच का आदेश दिया था और रिपोर्ट मांगी थी।

इसके बाद निलंबन का आदेश दिया गया।

समाचार चैनलों के अनुसार, उसी कार्यालय के एक अनुबंध कर्मचारी ने घटना के दिन एक रस्मी ईसाई पोशाक पहनी थी और कथित तौर पर उस कार्यालय के प्रमुख के निर्देश पर प्रार्थना की गई।

जब कलेक्टर को मीडिया से घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दे दिये।

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