देश की खबरें | केरल उच्च न्यायालय ने एनएसएस के सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामले में कार्यवाही पर रोक लगाई

कोच्चि, 10 अगस्त केरल उच्च न्यायालय ने हिंदू देवता के बारे में विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर की कथित टिप्पणियों को लेकर प्रभावशाली ‘नायर सर्विस सोसाइटी’ (एनएसएस) के सदस्यों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले से संबंधित सभी कार्यवाहियों पर बृहस्पतिवार को चार सप्ताह तक के लिए रोक लगा दी।

उच्च न्यायालय ने एनएसएस के उपाध्यक्ष संगीत कुमार की याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने राज्य की राजधानी के एक मंदिर में गैरकानूनी रूप से एकत्र होने के आरोप में अपने और संगठन के एक हजार अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी रद्द करने की अपील की थी।

न्यायमूर्ति वी. राजा विजयराघवन ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद कहा कि कुमार का मामला अंतरिम राहत का मामला है।

उन्होंने कहा, ‘‘छावनी थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 798/2023 में आगे की सभी कार्यवाही चार सप्ताह के लिए स्थगित की जाती है।’’

भगवान गणेश के बारे में शमसीर की कथित टिप्पणी के विरोध में एनएसएस ने दो अगस्त को पलायम से कुछ किलोमीटर दूर पझावंगडी गणपति मंदिर तक जुलूस निकाला था।

कुछ समय पहले एर्नाकुलम जिले के एक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शमसीर ने कथित तौर पर केंद्र पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उपलब्धियों के बजाय बच्चों को हिंदू मिथक सिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भगवान गणेश कथित तौर पर एक मिथक हैं और इस मान्यता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

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