देश की खबरें | झूठे आरोप में महिला को कैद करने पर केरल सरकार ने खेद जताया, संबंधित अधिकारी को निलंबित किया

तिरुवनंतपुरम, दो जुलाई केरल सरकार ने मादक पदार्थ रखने के झूठे आरोप में एक महिला को गिरफ्तार करने और उसे लगभग तीन महीने तक जेल में रखने की घटना पर रविवार को खेद जताया।

सरकार ने इस मामले को देख रहे आबकारी अधिकारी को भी निलंबित कर दिया। आबकारी आयुक्त के कार्यालय के एक सूत्र ने उक्त अधिकारी के निलंबन की पुष्ट की।

केरल के आबकारी मंत्री एम बी राजेश ने खेद व्यक्त किया कि शीला सनी नामक महिला को उस अपराध के लिए ढाई महीने जेल में बिताने पड़े जो उसने किया ही नहीं था और इसके परिणामस्वरूप उसे कठिनाई उठानी पड़ी।

राजेश ने एक फेसबुक पोस्ट में आश्वासन दिया कि मादक पदार्थ रखने के मामले में महिला को झूठा फंसाने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संबंधित अदालत को सूचित करेगी कि महिला निर्दोष है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि किसी को दोबारा ऐसा बुरे अनुभव से न गुजरना पड़े।

मंत्री ने कहा कि सनी के साथ हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फोन पर बातकर उन्हें सांत्वना दी थी।

उन्होंने यह भी कहा कि सनी ने इस मामले में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर संतुष्टि और आभार जताया है।

सरकार का निर्णय और मंत्री का पोस्ट प्रयोगशाला के परिणामों के मद्देनजर आया है जिससे संकेत मिला है कि महिला के ब्यूटी पार्लर से जब्त की गई सामग्री में कोई नशीला पदार्थ नहीं था।

प्रयोगशाला के नतीजों में कहा गया है कि महिला के पार्लर से जब्त किए गए पैकेट में मौजूद ‘स्टांप’ में लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड (एलएसडी) नहीं पाया गया।

0.160 ग्राम वजन वाले 12 ‘छोटे स्टांप जैसे कठोर कागज के टुकड़ों’ का रासायनिक विश्लेषण रासायनिक परीक्षक प्रयोगशाला विभाग, एर्नाकुलम में किया गया था।

एक शिकायत के आधार पर राज्य के त्रिशूर जिले के चलाकुडी इलाके में महिला के ब्यूटी पार्लर पर छापेमारी के बाद 27 फरवरी को आबकारी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

ढाई महीने बाद वह जमानत पर रिहा हो गईं।

महिला ने शुक्रवार को मीडियाकर्मियों को बताया कि उन्हें किसी ने ‘‘फंसाया’’ था और उन्होंने इसके असली दोषियों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की मांग की।

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