इडुक्की, 21 जून केरल की एक ‘फास्ट ट्रैक’ अदालत ने मंगलवार को इडुक्की जिले में एक नाबालिग लड़की से कई बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने का दोषी ठहराते हुए 66 वर्षीय एक व्यक्ति को 81 साल कैद की सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) टी जी वर्गीस ने दोषी पर 2.2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने यौन हमले और नाबालिग से बार-बार बलात्कार के लिए 20-20 साल जबकि पीड़िता को गर्भवती करने के लिए 30 साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत पांच साल कैद की भी सजा सुनाई।
अदालत ने सजा में किसी तरह की राहत प्रदान करने से इंकार करते हुए कहा, ‘‘पीड़िता के साथ किए गए अपराधों का उसकी भविष्य की शिक्षा, परिवारिक जीवन और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। न्यूनतम सजा दिए जाने से न्याय सुनिश्चित नहीं होगा।’’
अदालत ने अवैध संबंध बनाने के मकसद से महिला को अगवा करने के लिए पांच साल जबकि उत्पीड़न करने के लिए एक साल कैद की सजा भी सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक एस एस सतीश ने बताया कि हालांकि, दोषी को दी गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी और उसे पीड़िता को गर्भवती करने को लेकर सर्वाधिक 30 साल की सजा भुगतनी होगी।
सतीश ने बताया कि नाबालिग के साथ होने वाले कृत्य की जानकारी उस समय सामने आयी, जब उसे अक्टूबर 2020 में अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने पाया कि वह छह महीने की गर्भवती थी। उस समय लड़की की उम्र करीब 15 साल थी।
अभियोजक ने बताया कि बाद में यह भी सामने आया था कि पीड़िता के पड़ोस में रहने वाला आरोपी उसके माता-पिता का परिचित था और उसका घर में आना-जाना था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने तब से उससे बलात्कार करना शुरू किया, जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ती थी।
उन्होंने बताया कि पीड़िता के बयान और डीएनए साक्ष्य के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
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