नयी दिल्ली, 28 जुलाई केरल की एक विशेष अदालत ने 2005 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के तत्कालीन अध्यक्ष अब्दुल नसर मदनी की गिरफ्तारी के विरोध में तमिलनाडु सरकार की बस को नुकसान पहुंचाने के लिए तीन लोगों को दोषी करार दिया है। एनआईए के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि एर्णाकुलम में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने केरल के रहने वाले नजीर तडियंतविदाता उर्फ उमर हाजी, साबिर बुहारी व ताजुदीन को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया है।
सजा एक अगस्त को सुनाई जाएगी।
प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए की विशेष अदालत एर्णाकुलम ने मदनी की रिहाई की मांग के समर्थन में बस जलाने के मामले में तीनों को दोषी ठहराया। मदनी उस समय कोयंबटूर जेल में बंद थे।
प्रवक्ता ने कहा, "आरोपी आठ सितंबर, 2005 को अलुवा मस्जिद में इकट्ठा हुए थे और आरोपियों माजिद परंबाई और सूफिया के कहने पर तमिलनाडु सरकार के स्वामित्व वाली एक बस में आग लगाने की योजना बनाई थी।"
एनआईए ने गहन जांच के बाद 17 दिसंबर 2010 को 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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