तिरुवनंतपुरम, 28 फरवरी केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में वन्यजीव हमलों से बचाव के लिए विशेष उपायों की योजना बनाकर उन्हें लागू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को यहां आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्देश जारी किया गया। बैठक में राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।
बयान में कहा गया कि बैठक में लिए गए निर्णयों में 75 विधानसभा क्षेत्रों के 273 ग्राम पंचायतों में वन्यजीव संरक्षण और रोकथाम गतिविधियों के लिए स्वयंसेवकों की एक प्राथमिक प्रतिक्रिया टीम का गठन शामिल है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति बैठक कर जिला और क्षेत्रीय स्तर की समितियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा तैयार करेगी।
साथ ही, प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए वन्यजीव हमलों से निपटने के लिए उपयुक्त उपाय करने, फसल नष्ट होने और पशुधन की हानि के लिए मुआवजे की समीक्षा करने तथा वन्यजीवों के हमले से बचने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग को मजबूत करने के फैसले लिए गए।
बैठक में चर्चा किए गए अन्य उपायों में वृक्षारोपण प्रबंधन, बांधों और तालाबों की स्थापना करके पूरे वर्ष जंगलों के अंदर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और वन क्षेत्रों के पर्यटन क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन संचालित करने के लिए केंद्र के निर्देशों के अनुसार एक प्राधिकरण, बोर्ड या सोसायटी की स्थापना करना शामिल है।
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और प्रगति की निगरानी के लिए राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।
विजयन ने निर्देश दिया कि सभी समितियों का गठन 15 मार्च तक पूरा किया जाए और वे प्रभावी रूप से कार्य करें।
यह बैठक हाल में कन्नूर जिले के अरालम फार्म क्षेत्र में एक हाथी के हमले में वृद्ध दंपति की मृत्यु के मद्देनजर आयोजित की गई थी।
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