नयी दिल्ली, 21 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं सांसद प्रवेश वर्मा ने दिल्ली की अब रद्द की जा चुकी आबकारी नीति को लेकर जारी विवाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को खींचते हुए रविवार को दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों ने नीति बनाए जाने के संबंध में यहां के पांच सितारा होटल में हुई बैठकों में भाग लिया था।
वर्मा ने कहा कि तेलंगाना में ‘‘इसी प्रकार की’’ आबकारी नीति है और यह पश्चिम बंगाल में भी लागू की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के परिवार के सदस्यों ने दिल्ली आबकारी नीति बनाने के लिए एक होटल में आयोजित बैठकों में भाग लिया था। केसीआर के परिवार ने पंजाब में इसी प्रकार की नीति लागू कराई। उन्होंने (दिल्ली के उपमुख्यमंत्री) मनीष सिसोदिया और (मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर दिल्ली के लिए एक योजना बनाई।’’
वर्मा ने सिसोदिया के खिलाफ जारी ‘लुकआउट’ परिपत्र पर कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आबकारी नीति ‘‘घोटाला’’ मामले पर जांच शुरू करने के बाद से दो आरोपी देश से भाग गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अन्य लोगों को फरार होने से रोकने के लिए ‘लुकआउट’ परिपत्र जारी किया गया है।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिसोदिया और उनकी पत्नी ने 2014 से 2021 के बीच सरकारी अस्पतालों की सेवाएं न लेकर निजी अस्पतालों से उपचार पर करीब 22 लाख रुपए खर्च किए।
इस बयान पर आम आदमी पार्टी ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
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