बेंगलुरु, सात मार्च कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश ‘नक्सल मुक्त’ हो गया है और इसलिए नक्सल विरोधी बल (एएनएफ) को भंग कर दिया जाएगा।
सिद्धरमैया ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने साइबर अपराध प्रभाग को मजबूत करने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में कानून और व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कतई बर्दाशत नहीं करने की नीति अपनाई गई है और सख्त एवं निर्णायक कार्रवाई की जा रही है।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘ हमारी सरकार के कार्यकाल के दौरान छह भूमिगत नक्सलियों ने ‘नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम समिति’ के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इसके साथ ही कर्नाटक नक्सल मुक्त हो गया है और इसलिए नक्सल विरोधी बल को भंग कर दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सामाज की मुख्यधारा में लाया जाएगा तथा प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा 667 करोड़ रुपये की लागत से ‘बेंगलुरु सेफ सिटी परियोजना’ को क्रियान्वित किया गया है। परियोजना के तहत, पूरे शहर में 7,500 कैमरे लगाए गए हैं, जबकि 10 ड्रोन और शरीर में धारण करने वाले 560 कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने और अपराध की चपेट में आईं महिलाओं एवं बच्चों को तुरंत पुलिस सहायता सुनिश्चित करने के लिए शहर भर में कुल 60 महिला चौकियां स्थापित की गई हैं। सात पुलिस स्टेशन भवनों का निर्माण पूरा करके जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नंदी हिल्स के निकट कुडुगुरकी और केजीएफ में दो भारतीय रिजर्व बटालियन स्थापित की जाएंगी। इसके लिए 80 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जेल विभाग के अंतर्गत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।
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