देश की खबरें | कर्नाटक सरकार सीडब्ल्यूएमए के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी : उपमुख्यमंत्री शिवकुमार

बेंगलुरु, 18 सितंबर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के उस निर्देश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी, जिसमें राज्य से अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु को 5,000 क्यूसेक पानी देना जारी रखने के लिए कहा गया है।

जल संसाधन मंत्री शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय का रुख करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम केंद्र से भी अपील करेंगे। हम अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक सरकार को उच्चतम न्यायालय जाना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि तमिलनाडु को कावेरी का पानी क्यों नहीं दिया जा सकता।

बोम्मई ने कहा कि प्राधिकरण का आदेश ऐसा है जिसका पालन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि (तमिलनाडु को) पानी छोड़ना तुरंत रोका जाना चाहिए और लोगों को न्याय दिलाने के लिए उच्चतम न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ी जानी चाहिए।

शिवकुमार ने कहा, “बोम्मई ने जो कहा वह सही है।”

शिवकुमार ने कहा, ‘‘राज्य सरकार अपनी कानूनी टीम के साथ इस मामले पर चर्चा कर रही है।’’

इस बीच, तमिलनाडु के मंत्री दुरईमुरुगन ने कहा कि सीडब्ल्यूएमए ने तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने का निर्देश ‘‘आंख मूंदकर’’ नहीं दिया है।

हालांकि, यह संकेत देते हुए कि पानी छोड़े जाने की मात्रा पर्याप्त नहीं है, मंत्री ने कहा कि यह तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत तक, संभवतः अक्टूबर के अंत तक, कुछ हद तक मददगार होगा।

तमिलनाडु जल संसाधन विभाग के मंत्री ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल अंतर-राज्य नदी विवाद को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात करेगा।

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