कोप्पल (कर्नाटक), 16 दिसंबर कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने राज्य के सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि वह मतदाता आंकड़ा चोरी कांड पर पर्दा डालने की ‘बड़ी कोशिश’ कर रही है।
उन्होंने अपने उस बयान का बचाव करने का प्रयास किया जिसमें कहा गया था कि मंगलुरु प्रेसर कुकर विस्फोट की ‘साजिश’ भाजपा सरकार ने रची थी।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि वह इस मामले में किसी का समर्थन नहीं चाहते और इस मामले में उन्हें मिली सूचनाएं और उनका रुख ‘पक्का’ था।
अपने हालिया बयान के सिलसिले में शिवकुमार ने कहा, ‘‘ कुकर विस्फोट मामले में हमने जो कहा है, वह यह है कि मंगलुरु पुलिस आयुक्त ने घटना के बाद कहा: यह पता लगाया जाना है कि विस्फोट के पीछे जो व्यक्ति है वह आतंकवादी है या नहीं, जांच अभी किया जाना है। वह (आरोपी) बातचीत करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि वह अचेतन स्थिति में है और मीडिया को जल्दबाजी में किसी निर्णय पर नहीं पहुंचना चाहिए।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ लेकिन इस मुद्दे पर मंगलुरु आयुक्त के बयान से पहले ही भाजपा ने मतदाता आंकड़ा चोरी कांड से जनता का ध्यान बंटाने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का इस्तेमाल किया।’’
इसके पहले दिन में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक पीसीसी अध्यक्ष के रूप में शिवकुमार को यह कहना शोभा नहीं देता कि विस्फोट एक तरह का पर्दा डालने का कृत्य था।
शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि मंगलुरु प्रेसर कुकर विस्फोट की साजिश भाजपा सरकार ने मतदाता आंकड़ा चोरी कांड से ध्यान बंटाने के लिए रची थी।
19 नवंबर को हुए इस विस्फोट का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने कहा, ‘‘ डीजीपी को बिना जांच के यह ऐलान करने के लिए किसने कहा था कि यह एक आतंकवादी कृत्य था? आतंकवादी कौन है? क्या यह मुंबई, दिल्ली, कश्मीर या पुलवामा जैसा आतंकवादी कृत्य था?
शिवकुमार के बयान की सत्ताधारी भाजपा ने कड़ी आलोचना की है। फिलहाल राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) इस मामले की जांच कर रही है।
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