देश की खबरें | कर्नाटक: मुख्यमंत्री बोम्मई ने बिटकॉइन घोटाले के आरोपों के बीच येदियुरप्पा और कतील से मुलाकात की

बेंगलुरु, 13 नवंबर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने विपक्ष के इन आरोपों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से मुलाकात की कि भारतीय जनता पार्टी सरकार कथित बिटकॉइन घोटाले की जांच के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।

बोम्मई के करीबी सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार देर रात करीब 30 मिनट तक चर्चा हुई।

येदियुरप्पा से मुलाकात के बाद बोम्मई भाजपा के प्रदेश मुख्यालय गए और एक घंटे से अधिक समय तक प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील के साथ रहे।

ये बैठकें इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि बोम्मई ने हाल ही में दिल्ली का दौरा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।

बैठक के तुरंत बाद, उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मोदी ने उनसे चिंता न करने और लोगों के हित में निष्ठा तथा साहस के साथ काम करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा ''बाकी सब ठीक हो जाएगा।''

बोम्मई ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी का दो दिवसीय दौरा किया था और कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से पिछले 100 दिनों में उठाए गए प्रशासनिक कदमों से संबंधित कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी।

उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा को सफल बताते हुए कहा था कि इस अवधि के दौरान प्रधानमंत्री ने उनकी कुछ पहलों की काफी प्रशंसा की।

उनकी वापसी के तुरंत बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार दिल्ली पहुंचे जिसने अटकलों को जन्म दिया।

ये बैठकें एक हैकर से जुड़े कथित बिटकॉइन घोटाले में ''उचित कार्रवाई शुरू नहीं करने'' के लिए मुख्यमंत्री पर कांग्रेस के हमलों के बीच आयोजित की गईं।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों द्वारा शहर के एक हैकर श्रीकृष्ण उर्फ ​​श्रीकी से नौ करोड़ रुपये के बिटकॉइन जब्त किए जाने के बाद 'प्रभावशाली नेताओं' की इस घोटाले में संलिप्तता सामने आई है। हैकर पर सरकारी पोर्टलों को हैक करने सहित कई अन्य आरोप भी हैं।

पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह घोटाला बहुत बड़ा हो सकता है क्योंकि सिर्फ दो दिन 1 दिसंबर, 2020 और 14 अप्रैल, 2021 को 5,240 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ।

कांग्रेस ने यह भी पूछा है कि श्रीकी 100 दिनों से अधिक समय से हिरासत में क्यों हैं, जबकि उसके खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है। पार्टी ने यह भी पूछा कि आरबीआई को इस बारे में सूचित क्यों नहीं किया गया और इंटरपोल की सहायता क्यों नहीं मांगी गई।

पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव होने के नाते उच्चतम न्यायालय की निगरानी में मामले की जांच कराने की भी मांग की है।

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