देश की खबरें | कर्नाटक : मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने तुंगभद्रा जलाशय के क्षतिग्रस्त गेट को ठीक करने के निर्देश दिए

(तस्वीरों के साथ)

कोप्पल (कर्नाटक), 13 अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अधिकारियों और विशेषज्ञों से तीन से चार दिनों के भीतर तुंगभद्रा जलाशय के क्षतिग्रस्त गेट को ठीक करने को कहा है ताकि आने वाले दिनों में वर्षा होने पर उसका पानी संग्रहित किया जा सके।

बांध का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसानों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि तुंगभद्रा बांध एक बार फिर भर जाएगा और मैं ‘बगीना’ (नदी को पारंपरिक धन्यवाद) अर्पित करने आऊंगा। इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं हो।’’

कोप्पल जिले में तुंगभद्रा जलाशय का एक गेट (19वां द्वार) शुक्रवार मध्य रात्रि को टूट जाने से बह गया जिसके बाद भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों को सतर्क किया गया।

सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा,‘‘हम दस गेट से पानी छोड़ रहे थे, जिसमें 19वां गेट भी शामिल था। चेन टूटने के बाद 19वां गेट बह गया...हमने बांध सुरक्षा विशेषज्ञों से परामर्श किया है और मरम्मत कार्य जारी है। विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तुंगभद्रा बोर्ड उचित निर्णय लेगा।’’

उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तीनों राज्यों में फसल बोने वाले किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि सभी नहरों में पानी बह रहा है और फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा, "किसानों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।"

सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘17-18 अगस्त से सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद है। मैंने विशेषज्ञों से तीन से चार दिनों में काम पूरा करने को कहा है ताकि हम आगे होने वाली बारिश से पानी का भंडारण कर सकें, क्योंकि हमें खड़ी फसलों के लिए 90 टीएमसीएफटी पानी की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार काम कर रही है, हम जल्द से जल्द काम पूरा करना चाहते हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसानों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। यह हमारी जिम्मेदारी है।’’

बांध का प्रबंधन तुंगभद्रा बोर्ड करता है और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकार के प्रतिनिधि इसके सदस्य हैं। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) इसका अध्यक्ष नियुक्त करता है।

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