देश की खबरें | कर्नाटक:तटीय क्षेत्र में टिकट नहीं मिलने को लेकर नाराजगी भाजपा ने की दूर, पुत्तुर सीट अब भी समस्या

मंगलुरु(कर्नाटक), एक मई कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए राज्य के तटीय इलाके में टिकट नहीं मिलने से नाराज अपने दो नेताओं को मनाने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) क्षेत्र पर कब्जा बरकरार रखने के लिए कड़ी मशक्कत करती नजर आ रही है।

टिकट नहीं मिलने के कारण भाजपा से बगावत करने वाले दो प्रमुख नेता, उडुपी में के. रघुपति भट और सुलिया (दक्षिण कन्नड़) में मंत्री एस अंगारा अब पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों का समर्थन कर रहे हैं।

भट को विश्वास था कि उन्हें फिर से पार्टी टिकट देगी, लेकिन उम्मीदवारों की सूची में अपना नाम नहीं होने पर वह रो पड़े थे। हालांकि, बाद में उन्होंने उडुपी से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार यशपाल सुवर्णा के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया, जिन्हें उन्होंने ‘अपना लड़का’ बताया है।

भट ने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क किया और कहा कि भविष्य में पार्टी में उन्हें निश्चित तौर पर एक भूमिका दी जाएगी।

सुवर्णा ने कहा, ‘‘मैं मतदाताओं के आशीर्वाद से और हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के बदौलत उडुपी में भारी मतों के अंतर से जीत को लेकर आश्वस्त हूं।’’

गो रक्षक के तौर पर सक्रिय रहने और हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन शुरू करने पर सुवर्णा को पार्टी में प्राथमिकता दी गई। वह विधायक रघुपति भट और पार्टी के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

मत्स्यपालन मंत्री एवं सुलिया से छह बार के विधायक एस अंगारा को भी चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया गया, जिसके तुरंत बाद उन्होंने राजनीति छोड़ने की घोाणा की थी और चुनावों में प्रचार नहीं करने की बात कही थी।

हालांकि, इसके अगले ही दिन उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया और कहा कि वह पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने कई सारे अवसर देने के लिए पार्टी का आभार व्यक्त किया।

हालांकि, भट को उडुपी में चुनाव प्रचार के दौरान सुवर्णा के साथ देखा गया, लेकिन अंगारा जमीन पर सक्रिय नहीं हैं क्योंकि उन्होंने हाल में एक सर्जरी कराई है।

पार्टी की सूची से जिन अन्य नेताओं को बाहर कर दिया गया है उनमें बी एम सुकुमार शेट्टी(बयंदूर), लालजी आर मेंडन (कौप/कापू) और संजीव मत्तनदूर (पुत्तुर) शामिल हैं।

भाजपा की उडुपी जिला इकाई के अध्यक्ष कुयीलाडी सुरेश नाइक ने कहा कि असंतोष दूर कर दिया गया है और सभी लोग एकजुट होकर पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि सुलिया (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र में अंगारा पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे हैं। पार्टी एक महिला उम्मीदवार को टिकट देने से चुनावी फायदा मिलने की भी उम्मीद कर रही है। इस सीट पर भगीरथी मुरुलया पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार हैं।

हालांकि, क्षेत्र के दोनों जिलों में भाजपा की बड़ी चिंता हिंदुत्व कार्यकता्रओं की मौजूदगी है और पुत्तुर सीट पर अरूण कुमार पुथिला पार्टी से टिकट मिलने के आकांक्षी थे।

सूत्रों ने बताया कि पुथिला उम्मीदवार नहीं बनाये जाने से नाराज हैं और पार्टी का फैसला उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के एक बड़े हिस्से को रास नहीं आया है।

पुथिला का निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना भाजपा के लिए एक कड़ी चुनौती पैदा करेगा क्योंकि कांग्रेस ने अशोक कुमार राय को उम्मीदवार बनाया है। राय चुनावों की घोषणा से पहले भाजपा छोड़ कर विपक्षी दल (कांग्रेस) में शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि भाजपा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में 13 में से 12 सीट पर जीत दर्ज की थी। वह इलाके में सिर्फ मंगलुरु सीट पर हारी थी, जहां से कांग्रेस उम्मीदवार यू टी खादिर ने जीत हासिल की थी।

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