कोलकाता, 18 जून पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी के निकट एक मालगाड़ी से टकराने वाली कंचनजंघा एक्सप्रेस के अप्रभावित डिब्बे करीब 850 यात्रियों के साथ मंगलवार सुबह यहां सियालदह स्टेशन पहुंचे। सोमवार को हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। पूर्वी रेलवे के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सोमवार सुबह न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर दूर रंगापानी में हुई टक्कर में ट्रेन के कम से कम चार पीछे के डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता कौशिक मित्रा ने कहा, "लगभग 800 से 850 यात्री सुबह तीन बजकर 16 मिनट पर सियालदह पहुंचे।"
सोमवार दोपहर को दुर्घटनास्थल से अप्रभावित डिब्बों और सुरक्षित यात्रियों के साथ कंचनजंघा एक्सप्रेस ने अपनी आगे की यात्रा शुरू की थी ।
अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना से प्रभावित और डरे हुए असहाय यात्रियों को यात्रा के दौरान मालदा शहर और सियालदह समेत विभिन्न स्टेशनों पर चिकित्सा सुविधाएं, भोजन और पानी मुहैया कराया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम, पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती और सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दीपक निगम यात्रियों की निकासी और उनके घरों तक आगे की यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन पर मौजूद थे।
त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से चलने वाली 13174 कंचनजंघा एक्सप्रेस सोमवार की शाम 7.20 बजे सियालदह पहुंचने वाली थी, लेकिन हादसे के चलते वह अपने निर्धारित समय से आठ घंटे की देरी से मंगलवार की सुबह तीन बजकर 16 मिनट पर स्टेशन पहुंची।
कौशिक मित्रा ने बताया कि परिवहन विभाग ने यात्रियों को घर पहुंचाने के लिए 16 बसें और 60 कारें उपलब्ध कराईं।
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