(ललित के झा)
वाशिंगटन, नौ नवंबर अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने आधिकारिक आवास पर दिवाली मनाई और इस दौरान उन्होंने मेहमानों से कहा कि प्रकाश के इस त्योहार को मनाना महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया आज इजराइल और हमास के बीच युद्ध के चलते ‘‘कठिन और अंधकार के दौर’’ से गुजर रही है।
भारतीय मूल की हैरिस (59) ने समय से पूर्व, मंगलवार को अपने आवास पर दिवाली मनाई।
हैरिस ने उनके भारतीय-अमेरिकी मेहमानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम दिवाली ऐसे समय में मना रहे हैं जब दुनिया में बहुत कुछ हो रहा है। ऐसे में इस पर्व के महत्व को समझना भी जरूरी है। दिवाली का पर्व प्रकाश और अंधेरे के बीच अंतर को समझाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इजराइल और गाजा से आ रही खबरों को देखकर साफ है कि हम एक कठिन और अंधकार के दौर से गुजर रहे हैं। यह निश्चित रूप से हम सभी के लिए और मेरे लिए तथा डौग (उसके पति) के लिए हृदय विदारक है।’’
हैरिस ने कहा, ‘‘मैं सभी के सामने स्पष्ट करना चाहती हूं कि राष्ट्रपति बाइडन और मैं इजराइल के आत्म-रक्षा के अधिकार का समर्थन कर रहे हैं। हम गाजा में लोगों को मिलने वाली मानवीय सहायता का भी समर्थन करते हैं। हमारा मानना है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम फलस्तीन और हमास के बीच के अंतर को समझें। हमारी प्राथमिकता अमेरिकी बंधकों को रिहा कराकर वापस लाने और उस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से रोकने की है।’’
उन्होंने कहा ‘‘मैंने पहले भी कहा है और पुन: कहना चाहती हूं कि फलस्तीनी लोगों को यह अधिकार है कि उन्हें आत्मनिर्णय तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिले।’’
उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर, निर्वाचित भारतीय अमेरिकी सांसदों रो खन्ना, श्री थानेदार, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल से बात की। पिछली बार उन्होंने आमंत्रित अतिथियों से बातचीत की थी।
हैरिस के इस आयोजन से पहले कई समूहों ने इसके बहिष्कार का आह्वान किया था।
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