West Bengal: कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में 'कालबैसाखी' के कारण तीन लोगों की मौत, रेल सेवाएं प्रभावित
कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में सोमवार शाम 'कालबैसाखी' घटनाक्रम के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी, कई पेड़ गिर गये तथा उपनगरीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
कोलकाता/हावड़ा, 15 मई: कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में सोमवार शाम 'कालबैसाखी' घटनाक्रम के कारण कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी, कई पेड़ गिर गये तथा उपनगरीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक हावड़ा शहर के बॉटनिकल गार्डन इलाके में तूफान के दौरान झूलते बिजली के तार की चपेट में आने से 12 साल की एक लड़की की मौत हो गई. यह भी पढ़ें: West Bengal Kalbaisakhi: पश्चिम बंगाल में 'कालबैसाखी' के चलते तेज हवाएं चलने शुरू, पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त
'कालबैसाखी' स्थानीयकृत वर्षा और आंधी-तूफान से संबंधित घटनाक्रम है जिसकी अवधि काफी कम होती है. पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हावड़ा जिले के उलुबेरिया थाना क्षेत्र के अम्शा गांव में तेज आंधी के दौरान कच्चे घर के गिरने से 65 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई.
उन्होंने बताया कि इसी जिले के बगनान थाना क्षेत्र के उरफुली गांव में तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से 40 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई.
मौसम विभाग ने कहा कि कोलकाता में अलीपुर वेधशाला में रिकॉर्ड किया गया तूफान शाम 5.41 बजे से तीन मिनट तक चला और अधिकतम 84 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली. मौसम विभाग के मुताबिक, शहर के उत्तरी हिस्से में दमदम में 62 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. ये हवाएं शाम छह बजे करीब एक मिनट तक चलीं.
मौसम विभाग के मुताबिक कोलकाता के अलावा, नॉरवेस्टर ने पुरुलिया, बांकुड़ा, बीरभूम, पुरबा और पश्चिम मेदिनीपुर, पुरबा और पश्चिम बर्धमान, हावड़ा, नादिया तथा दक्षिण और उत्तर 24 परगना सहित दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों को प्रभावित किया. इसके कारण कोलकाता सहित विभिन्न जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई.
कोलकाता को पड़ोसी शहरों से जोड़ने वाली उपनगरीय ट्रेन सेवाओं के विभिन्न स्टेशनों पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं, क्योंकि शाम के समय कामकाजी लोगों की भीड़ होने के दौरान ही 'कालबैसाखी' ने दस्तक दी. राज्य के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक सियालदह से बड़ी संख्या में लोग अपने गंतव्य के लिए ट्रेन का इंतजार करते देखे गए.
रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि पूर्वी रेलवे के सियालदह डिवीजन के विभिन्न खंडों में ट्रेन की आवाजाही शाम 5.40 बजे से प्रभावित रही, क्योंकि टूटे हुए पेड़ों की शाखाएं ओवरहेड तारों और रेलवे पटरियों पर गिर गईं. उन्होंने कहा कि सियालदह मुख्य खंड में श्यामनगर और नैहाटी के बीच तथा सियालदह दक्षिण खंड में बरूईपुर और लक्ष्मीकांतपुर के बीच उपनगरीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं.
उन्होंने बताया कि पूर्वी रेलवे के सर्कुलर रेलवे में बीबीडी बाग स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर एक पेड़ की शाखाएं गिर गईं. अधिकारी ने कहा कि टावर वैन को जल्द से जल्द सेवाओं को बहाल करने के लिए भेजा गया. पूर्वी रेलवे के हावड़ा डिवीजन में, चंदननगर में पेड़ की शाखाएं गिर गईं और कोननगर में कुछ चीजें ओवरहेड तारों में उलझ गईं.
'कालबैसाखी' के कारण विक्टोरिया मेमोरियल के पास मैदान क्षेत्र में और दक्षिण कोलकाता में लेक गार्डन क्षेत्र में कई पेड़ गिर गए और कुछ कारों को नुकसान पहुंचा. पेड़ों को हटाने और सड़कों को साफ करने के लिए आपदा प्रबंधन समूह के कर्मियों को तैनात किया गया है। शाम के समय होने वाले नॉरवेस्टर के कारण शहर में भारी यातायात जाम हो गया, क्योंकि पेड़ों के गिरने से कुछ स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं. झारग्राम जिले में कई कच्चे घरों की छतें हवा में उड़ गईं और कई पेड़ उखड़ गए, जिसके बाद मंत्री बीरबाहा हांसदा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2023 11:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

